
रायपुर/ 17 सितंबर 2024: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने आज पत्रकार वार्ता में एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि रायपुर के सिलियारी स्थित रियल पेपर मिल में सरकारी स्कूली किताबों का एक बड़ा भंडार कबाड़ में बिकते पाया गया है। ये किताबें वही हैं, जिन्हें छात्रों को मुफ्त में वितरण के लिए छपवाया गया था।
उपाध्याय ने कहा कि ये किताबें, जो सर्व शिक्षा अभियान और छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित की गई थीं, छात्रों को देने के बजाय कबाड़ में बेची गईं। उन्होंने इसे शिक्षा और बच्चों के भविष्य के साथ घिनौनी भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया। उनका कहना था कि एक ओर सरकारी स्कूलों में किताबों की कमी का सामना किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर छापी गई किताबें रद्दी के भाव में बेची जा रही हैं।
मुख्य बिंदु:
- भ्रष्टाचार का खुलासा: उपाध्याय ने आरोप लगाया कि किताबों की छपाई के लिए सरकार ने अधिक राशि चुकाई, लेकिन किताबें छात्रों तक नहीं पहुंची और अंततः कबाड़ में बेच दी गईं।
- जांच की मांग: कांग्रेस ने इस मामले की सीबीआई जांच या रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच की मांग की है, जबकि सरकार ने एक पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है, जिसमें दो सदस्य पूर्व में भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं।
- आंदोलन की चेतावनी: कांग्रेस पार्टी ने कहा कि इस मुद्दे पर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा और सदन में इस मामले को उठाया जाएगा। इसके साथ ही सरकार से श्वेत पत्र जारी कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
संबंधित व्यक्ति: इस प्रेस वार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व सांसद श्रीमती छाया वर्मा, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, और ग्रामीण जिलाध्यक्ष उधोराम वर्मा शामिल हुए।
कांग्रेस पार्टी ने इस प्रकरण को केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल बताया है।