
नई दिल्ली: कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि इस वर्ष दिवाली और अन्य त्यौहारों के सीजन में देश में लगभग 4.25 लाख करोड़ रुपये के व्यापार की संभावना है। इस बार व्यापारियों और ग्राहकों ने चीनी सामान का पूर्ण बॉयकॉट किया है।
त्यौहारों का उत्साह:
त्यौहारी सीजन के दौरान रक्षा बंधन से लेकर दिवाली तक, बाजारों में ग्राहकों की भीड़ और खरीददारी के साथ व्यापारी भी सक्रिय हैं। कैट के सर्वे में पता चला है कि देश के 70 शहरों में व्यापारी ग्राहकों की मांग को पूरा करने के लिए तैयार हैं।
खरीदारी का विवरण:
लगभग 70 करोड़ ग्राहक बाजारों में खरीदारी करने निकलेंगे, जिसमें विभिन्न वस्त्र, गहने, इलेक्ट्रॉनिक्स, आभूषण, और खाद्य सामग्रियों की बिक्री में वृद्धि देखने को मिलेगी।
लोकल प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल वस्तुएं खरीदने के आह्वान का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। व्यापारियों ने चीनी सामान का आयात नहीं किया है और ग्राहक भी अब चीनी उत्पादों से दूर रह रहे हैं।
त्यौहारों का कैलेंडर:
दिवाली सीजन की श्रृंखला 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी से शुरू होकर 13 नवंबर को तुलसी विवाह तक चलेगी।
कैट ने सभी व्यापारी संगठनों से स्थानीय निर्माताओं और कारीगरों को बढ़ावा देने की अपील की है ताकि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम उठाया जा सके।