
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मुंगेली जिले के टेमरी धान खरीदी केंद्र पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि किसानों को प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान बेचने का टोकन देने के बावजूद, केवल 16 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी जा रही है। उन्होंने इसे किसानों के साथ धोखा करार देते हुए सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की नाकामियां अब उजागर हो रही हैं। गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट में गड़बड़ी कर के सरकार किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने से बचना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ही किसानों के रकबे में कमी कर दी गई थी और अब अनावरी रिपोर्ट में धान उत्पादन कम बता कर किसानों से धोखा किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आगे कहा, “कई किसान ऐसे हैं जिन्हें स्मार्टफोन नहीं है, और वे मोबाइल ऐप से धान बेचने का टोकन लेने में सक्षम नहीं हैं। इसके अलावा, किसानों को सोसाइटी में धान बेचने के लिए टोकन भी नहीं दिया जा रहा है। वहीं, धान बेचने के बाद किसानों को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से एकमुश्त भुगतान नहीं मिल रहा है।”
किसानों के लिए मुश्किलें: उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में भारी अव्यवस्था है। किसानों को गिरदावरी और अनावरी रिपोर्ट को पटवारी और तहसीलदार से सत्यापित कराने के लिए भटकाया जा रहा है, जिससे उन्हें धान बेचने में दिक्कतें आ रही हैं। कई किसानों का रकबा काटा गया है, और उन्हें पंजीयन कराने में समस्याएं आ रही हैं। इसके कारण वे धान बेचने से वंचित हैं।
कांग्रेस की मांग: प्रदेश कांग्रेस ने सरकार से कुछ अहम मांगें की हैं:
- किसानों को मोबाइल ऐप के अलावा सहकारी समिति के माध्यम से भी टोकन प्रदान किया जाए।
- प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी जाए, जैसा कि पहले घोषित किया गया था।
- जिन किसानों का रकबा काटा गया है, उन्हें तुरंत जोड़कर पंजीयन कराया जाए।
- धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3217 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए और इसका तत्काल भुगतान किया जाए।
निष्कर्ष: कांग्रेस पार्टी ने सरकार से मांग की है कि वह किसानों के अधिकार की रक्षा करें और धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाएं ताकि कोई भी किसान धोखा न खाए।