
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने रबी सीजन में धान की खेती पर भाजपा सरकार के प्रतिबंध का विरोध करते हुए इसे किसानों पर अत्याचार करार दिया है। वर्मा ने कहा कि धान और किसान छत्तीसगढ़ की पहचान और समृद्धि का आधार हैं, लेकिन भाजपा सरकार किसानों को धान की फसल न उगाने के लिए दबाव बना रही है।
वर्मा ने बताया कि धमतरी, राजनांदगांव और रायपुर जिले के कलेक्टरों द्वारा कोटवारों के माध्यम से गांव-गांव मुनादी कराई जा रही है, जिसमें किसानों को धान की खेती न करने की धमकी दी जा रही है। इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा 50,000 रुपए प्रति एकड़ जुर्माना लगाने की चेतावनी दी जा रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि किसानों का अधिकार है कि वे मौसम और भूमि के अनुसार अपनी फसल का चयन करें, और रबी सीजन में धान की खेती को लेकर यह आदेश अनुचित है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार की अकर्मण्यता के कारण किसानों को डीएपी खाद की कमी और अब धान नहीं बोने के फरमान से दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है।
वर्मा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार ने 21 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीदी दर का वादा किया था, लेकिन यह वादा धरातल पर नहीं उतर रहा है। कई स्थानों पर 16 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से खरीदी की जा रही है। किसानों के विरोध के बावजूद “टोकन तुहर हाथ” ऐप सही से काम नहीं कर रहा, जिससे किसानों में असंतोष फैल रहा है।
कांग्रेस ने इस फैसले को किसान विरोधी षड्यंत्र बताते हुए भाजपा सरकार की आलोचना की और किसानों के हक में सख्त कदम उठाने की मांग की है।