
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने भाजपा सरकार पर वसूली गिरोह चलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण दे रही है, और केवल कमीशनखोरी के लिए अयोग्य कर्मचारियों को प्रमुख विभागों में जिम्मेदारियां सौंप रही है।
सुरेंद्र वर्मा ने फार्मेसी काउंसिल का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के संरक्षण में, फार्मेसी काउंसिल में एक फर्जी डिग्री के आरोपी फार्मासिस्ट को रजिस्ट्रार के पद पर बैठाया गया है। इस व्यक्ति ने न केवल नियमों की अवहेलना की, बल्कि एक निर्वाचित मेडिकल काउंसिल सदस्य के खिलाफ दुर्भावना से कार्रवाई की है।
वर्मा ने बताया कि पिछले 11 महीने से भाजपा सरकार के तहत फार्मेसी काउंसिल में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्री और रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आए थे, जिन्हें मेडिकल काउंसिल के सदस्य डॉ. राकेश गुप्ता ने उजागर किया था। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने कार्रवाई करने के बजाय, शिकायतकर्ता डॉ. गुप्ता के खिलाफ अनुचित और गैरकानूनी तरीके से कार्यवाही की।
उन्होंने कहा कि रजिस्ट्रार के लिए कम से कम द्वितीय श्रेणी का राजपत्रित अधिकारी होना चाहिए, लेकिन अश्वनी गुर्देकर को रजिस्ट्रार के पद पर नियुक्त किया गया है, जो तृतीय श्रेणी का फार्मासिस्ट है। इसके अलावा, फार्मेसी काउंसिल के सदस्य अनिरुद्ध मिश्रा की अंकसूची भी फर्जी पाई गई थी, परंतु अब तक एफआईआर नहीं दर्ज किया गया है।
वर्मा ने आरोप लगाया कि बिना किसी पूर्व सूचना के डॉ. राकेश गुप्ता की सदस्यता समाप्त करना भ्रष्टाचार को छुपाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि यह पहला मामला है, जब किसी सदस्य की सदस्यता बिना उचित प्रक्रिया के समाप्त की गई है।
कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया कि कैसे इस तरह के भ्रष्टाचार और अनियमितताएं छुपाने का काम हो रहा है और क्यों ऐसी कार्रवाइयों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है।