
रायपुर। चंडीगढ़ कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने आज कहा कि पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के साथ सब कुछ ठीक नहीं है और दिल्ली में करारी हार के बाद सत्ता संघर्ष शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य का कांग्रेस नेतृत्व भ्रष्ट और अकुशल आम सरकार को बेनकाब करने, उसे घेरने और राज्य से बाहर निकालने के लिए एकजुट है।
बघेल ने कहा कि सत्ता संघर्ष पहले ही शुरू हो चुका है, जब दिल्ली से पराजित नेताओं ने पंजाब में विभिन्न सरकारी विभागों का प्रभार और नियंत्रण लेना शुरू कर दिया है। उन्होंने दिल्ली में पराजित आप नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये नेता अब पंजाब सरकार में वास्तविक मंत्रियों की भूमिका निभाने लगे हैं।
लुधियाना पश्चिम उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बघेल ने कहा कि आप द्वारा उम्मीदवार की घोषणा करने का उद्देश्य दिल्ली में अपने नेता अरविंद केजरीवाल की हार के बाद राज्यसभा के लिए रिक्त स्थान बनाना था। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस नेतृत्व उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन करेगा, जबकि अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
पंजाब सरकार द्वारा तीन महीने के भीतर राज्य से नशा खत्म करने की घोषणा पर बघेल ने सवाल उठाया कि सरकार तीन साल तक क्या कर रही थी? उन्होंने कहा कि सरकार सभी मोर्चों पर पूरी तरह विफल रही है और अब वह अपनी विफलताओं को बड़ी-बड़ी घोषणाओं के जरिए छिपाने की कोशिश कर रही है।
बघेल ने कहा कि आज की बैठक के दौरान पार्टी ने ‘नव सत्याग्रह’ मिशन के तहत एआईसीसी के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है। पार्टी के कार्यकर्ता ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ रैलियों में भाग लेंगे।
संगठनात्मक मोर्चे पर बघेल ने कहा कि इस वर्ष के भीतर प्रदेश कांग्रेस राज्य से लेकर बूथ स्तर तक समितियां गठित करेगी। उन्होंने पंजाब में मतदाता सूचियों के साथ कोई छेड़छाड़ न होने पर विशेष ध्यान देने की बात भी की।
प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में पूरी एकता की बात करते हुए बघेल ने साफ इनकार किया कि पंजाब कांग्रेस में कोई गुटबाजी है।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भारत भूषण आशु, सह-प्रभारी आलोक शर्मा और रविंदर उत्तम राव भी उपस्थित थे।