Saturday, April 5, 2025
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होली पर्व का व्यापार पर आर्थिक प्रभाव : इस वर्ष 60 हज़ार करोड़ से अधिक के व्यापार की संभावना – अमर पारवानी

होली का त्योहार न केवल एक रंगों का पर्व है, बल्कि यह व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देने का अवसर है। इस वर्ष, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अनुसार, होली के मौसम में व्यापारियों को 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने की संभावना है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 20 प्रतिशत अधिक है।

कैट के वरिष्ठ पदाधिकारियों का बयान:
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दोशी, और अन्य प्रमुख व्यापारिक सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष, देश भर में होली के दौरान व्यापार में शानदार वृद्धि देखी जा रही है। चीन से बने सामान का बहिष्कार करते हुए, भारतीय उत्पादों की जमकर बिक्री हो रही है। विशेष रूप से हर्बल रंग, गुलाल, पिचकारी, गुब्बारे, चंदन, पूजा सामग्री और परिधान सहित कई अन्य सामानों की भारी मांग बाजार में बनी हुई है।

मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स, और अन्य उत्पादों की भी बिक्री बढ़ी:
होली के इस उत्सव के दौरान मिठाइयों, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट आइटम्स, फूल, फल, कपड़े, फर्निशिंग फैब्रिक, किराना, एफएमसीजी प्रोडक्ट्स और कंज्यूमर ड्युरेबल्स की बिक्री भी जोरों पर है। उपभोक्ता खर्च में वृद्धि के चलते व्यापारियों को होली के मौसम में बहुत अच्छा लाभ हो रहा है। खासकर सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पजामा, और सलवार-सूट की मांग बढ़ी है, और हैप्पी होली लिखे हुए टी-शर्ट की भी खूब बिक्री हो रही है।

आर्थिक लाभ और स्थानीय व्यापारियों की स्थिति:
कैट के अधिकारियों ने यह भी बताया कि होली के इस पर्व से स्थानीय व्यापारों, छोटे व्यापारियों, लघु उद्योगों, और एमएसएमई सेक्टर को विशेष लाभ मिल रहा है। यह त्योहार खुदरा विक्रेताओं और व्यापारियों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो रहा है।

60,000 करोड़ का व्यापार:
कैट के आंकड़ों के अनुसार, इस बार होली पर होने वाला व्यापार पिछले वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक होने की संभावना है। पिछले साल होली पर कारोबार लगभग 50,000 करोड़ रुपये का था, लेकिन इस साल यह आंकड़ा 60,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।

होली समारोह और बाजार की रौनक:
प्रदेश और देश भर में होली के समारोहों का आयोजन बड़े धूमधाम से हो रहा है। बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, होटल्स, रेस्टोरेंट्स, और सार्वजनिक पार्कों में होली समारोहों की भरमार है। व्यापारिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, और धार्मिक संगठन भी होली मिलन समारोह आयोजित कर रहे हैं।

बाजार में हो रही खरीदारी:
प्रदेश सहित पूरे देश के थोक और खुदरा बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं। रंग-बिरंगे गुलाल, पिचकारी, और गुजिया की दुकानों पर भीड़ लगी है। केमिकल युक्त रंगों की बजाय हर्बल गुलाल और अबीर की मांग अधिक है। इसके अलावा, गुब्बारे और पिचकारी की भी काफी बिक्री हो रही है, और विशेष प्रकार की पिचकारी और फैंसी आइटम्स की भी मांग बढ़ी है।

इस साल की होली व्यापारियों और ग्राहकों के लिए एक शानदार अवसर बनकर सामने आई है, और इसके साथ ही देश की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है।

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