
ईडी ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है। शराब घोटाला मामले में ईडी ने भिलाई-3 स्थित वसुंधरा नगर आवास और रायपुर आवास पर छापेमारी की है। दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची अफसरों की टीम घर पर कई दस्तावेजों की जांच कर रही है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे चैतन्य बघेल से पूछताछ जारी है। ईडी ने प्रदेश भर में 14 जगहों पर कार्रवाई की है।
दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई 3 स्थित आवास पर छापा मारा है। ईडी एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई कर रही है। महादेव सट्टा, कोयला घोटाला और शराब घोटाले को लेकर ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। कई अफसरों की टीम उनके घर में दस्तावेज खंगाल रही है। वहीं, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी भूपेश बघेल के रायपुर स्थित आवास पर पहुंचे हैं।
साजिश कर कांग्रेस को रोकने की कोशिश
ईडी की छापेमारी को लेकर पूर्व सीएम कार्यालय ने एक नोट जारी किया है। कार्यालय ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा- सात साल से चल रहा झूठा केस जब कोर्ट में खारिज हो गया तो आज सुबह-सुबह पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास में ईडी के मेहमान घुस आए हैं। अगर कोई इस साजिश से पंजाब में कांग्रेस को रोकने की कोशिश कर रहा है तो यह गलतफहमी है।
शराब घोटाले को लेकर कार्रवाई
ईडी ने छापेमारी को लेकर प्रेस नोट जारी किया है। जिसमें कहा गया कि, ईडी छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के सिलसिले में 14 स्थानों (छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में) पर पीएमएलए के तहत तलाशी ले रही है। इसमें उनके बेटे चैतन्य बघेल का आवास और करीबी सहयोगी भूपेश बघेल के बेटे लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल का आवास शामिल है। ईडी ने पाया है कि चैतन्य बघेल शराब घोटाले से उत्पन्न अपराध की आय के प्राप्तकर्ता भी हैं। जिसमें अपराध की कुल आय लगभग 2161 करोड़ रुपये है, जिसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से निकाला गया है।