
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा राज्य में ‘‘बिहार दिवस’’ मनाए जाने पर तीखा हमला बोला है। बैज ने कहा कि यह सिर्फ भाजपा का एक राजनैतिक इवेंट है, जो आगामी चुनावों में बिहार के लोगों को आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “बिहार की स्थापना भाजपा की स्थापना से पहले हो चुकी थी, और छत्तीसगढ़ में पिछले 25 सालों में से 16 साल भाजपा की सरकार रही है। जब भाजपा की सरकार थी, तब उन्हें बिहार दिवस की याद क्यों नहीं आई?” बैज ने यह भी कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ में लगभग 2500 लोगों को थानों में बैठाया गया, जिनमें से अधिकांश लोग बिहार के थे, और उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किया गया था। अब जब बिहार में चुनावी माहौल बन रहा है, तो भाजपा बिहार के लोगों को आकर्षित करने के लिए ‘‘बिहार दिवस’’ मना रही है।
छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान
बैज ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि नवीन ने पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया था और ‘‘क्षेत्रीय राष्ट्रवाद’’ और ‘‘छत्तीसगढ़ियावाद’’ को मानने से इनकार किया था। अब वही नितिन नवीन छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मना रहे हैं। बैज ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना की है, लेकिन भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ के आदिवासी और छत्तीसगढ़ियावाद को नजरअंदाज किया गया है।
भा.ज.पा. द्वारा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अपमान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार में राज्य गीत ‘‘अरपा पैरी के धार’’ का गायन बंद कर दिया गया और छत्तीसगढ़ी परंपराओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ‘‘बोरे बासी’’ को ‘‘छप्पन भोग’’ कहकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति का मजाक उड़ाती है, लेकिन अब अपने आकाओं को खुश करने के लिए छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाने की कोशिश कर रही है।
भा.ज.पा. को राज्य की संस्कृति से नफरत है
बैज ने भाजपा से सवाल किया कि अगर बिहार दिवस मनाना ‘‘नवाचार’’ है, तो क्या अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, जहां भाजपा की सरकार है, का स्थापना दिवस भी छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से इतनी नफरत है कि वह यहां के रीति-रिवाजों और खानपान का भी अपमान करती है।
कांग्रेस का स्पष्ट रुख
बैज ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी भी प्रदेश या उसके नागरिकों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भाजपा का यह कदम पूरी तरह से राजनैतिक स्वार्थ से प्रेरित है। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करे और राज्य के नागरिकों के साथ सही व्यवहार करें।
ने भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) द्वारा राज्य में ‘‘बिहार दिवस’’ मनाए जाने पर तीखा हमला बोला है। बैज ने कहा कि यह सिर्फ भाजपा का एक राजनैतिक इवेंट है, जो आगामी चुनावों में बिहार के लोगों को आकर्षित करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “बिहार की स्थापना भाजपा की स्थापना से पहले हो चुकी थी, और छत्तीसगढ़ में पिछले 25 सालों में से 16 साल भाजपा की सरकार रही है। जब भाजपा की सरकार थी, तब उन्हें बिहार दिवस की याद क्यों नहीं आई?” बैज ने यह भी कहा कि हाल ही में छत्तीसगढ़ में लगभग 2500 लोगों को थानों में बैठाया गया, जिनमें से अधिकांश लोग बिहार के थे, और उन्हें रोहिंग्या और बांग्लादेशी बताकर अपमानित किया गया था। अब जब बिहार में चुनावी माहौल बन रहा है, तो भाजपा बिहार के लोगों को आकर्षित करने के लिए ‘‘बिहार दिवस’’ मना रही है।
छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान
बैज ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि नवीन ने पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति लगाने का विरोध किया था और ‘‘क्षेत्रीय राष्ट्रवाद’’ और ‘‘छत्तीसगढ़ियावाद’’ को मानने से इनकार किया था। अब वही नितिन नवीन छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मना रहे हैं। बैज ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना की है, लेकिन भाजपा की सरकार में छत्तीसगढ़ के आदिवासी और छत्तीसगढ़ियावाद को नजरअंदाज किया गया है।
भा.ज.पा. द्वारा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का अपमान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार में राज्य गीत ‘‘अरपा पैरी के धार’’ का गायन बंद कर दिया गया और छत्तीसगढ़ी परंपराओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ‘‘बोरे बासी’’ को ‘‘छप्पन भोग’’ कहकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति का मजाक उड़ाती है, लेकिन अब अपने आकाओं को खुश करने के लिए छत्तीसगढ़ में बिहार दिवस मनाने की कोशिश कर रही है।
भा.ज.पा. को राज्य की संस्कृति से नफरत है
बैज ने भाजपा से सवाल किया कि अगर बिहार दिवस मनाना ‘‘नवाचार’’ है, तो क्या अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, जहां भाजपा की सरकार है, का स्थापना दिवस भी छत्तीसगढ़ में मनाया जाएगा? उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से इतनी नफरत है कि वह यहां के रीति-रिवाजों और खानपान का भी अपमान करती है।
कांग्रेस का स्पष्ट रुख
बैज ने भाजपा को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस को किसी भी प्रदेश या उसके नागरिकों से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन भाजपा का यह कदम पूरी तरह से राजनैतिक स्वार्थ से प्रेरित है। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करे और राज्य के नागरिकों के साथ सही व्यवहार करें।