Friday, April 4, 2025
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रायपुर : सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका होगी प्रभावी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में आयोजित दो दिवसीय पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सतत् सीखने से ही जनप्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावी और समर्पित बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि सभी के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यों में यह हमेशा से कायम है। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के माध्यम से विकास के प्रति प्रतिबद्धता और जनहित में काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

सीखने की कोई उम्र नहीं होती, नेतृत्व क्षमता में निरंतर निखार जरूरी

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हमेशा सीखते रहने की बात करते हैं और यह बात सही है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने विधानसभा के सदस्यों से कहा कि यहां कई अनुभवी विधायक उपस्थित हैं, जो जनप्रतिनिधि के रूप में लंबे समय से काम कर रहे हैं, लेकिन वे भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साहित हैं, जो छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर उनके समर्पण को दर्शाता है।

जनप्रतिनिधि के रूप में आपका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि आम लोगों से उनका व्यवहार सबसे बड़ी पूंजी है। यह जनता के विश्वास को मजबूत करता है और संसदीय व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखता है। उन्होंने आगे कहा कि यह पब्लिक लीडरशिप प्रोग्राम नवीन समाधानों को साझा करने का एक सशक्त मंच है, जो “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य को प्राप्त करने में मददगार साबित होगा।

सुशासन और पारदर्शिता के प्रयास

मुख्यमंत्री ने सुशासन की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी, विशेष रूप से ई-ऑफिस की व्यवस्था को लेकर। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता दोनों में वृद्धि हुई है। साथ ही, उन्होंने तकनीक के सदुपयोग पर भी जोर दिया ताकि प्रदेश को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।

आईआईएम रायपुर में चिंतन शिविर का प्रभाव

मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रबंध संस्थान रायपुर में पिछले साल आयोजित चिंतन शिविर को अत्यधिक उपयोगी बताते हुए कहा कि इस शिविर में सीखी गई बातें छत्तीसगढ़ के नीति निर्माण में बेहद मददगार साबित हुईं। उन्होंने कहा कि इससे विजन डॉक्यूमेंट और बजट तैयार करने में भी मदद मिली।

विधानसभा अध्यक्ष और अन्य नेताओं के विचार

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में हमारी जिम्मेदारी केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह निरंतर सीखने और क्षेत्र की बेहतरी के लिए काम करने का कार्य है। उन्होंने विधानसभा सत्र के बाद इस कार्यक्रम में सभी सदस्यों की उपस्थिति को प्रशंसनीय बताया।

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी इस अवसर पर कहा कि विधायक बनने का मतलब लीडर बनना नहीं होता। लीडर बनना एक निरंतर प्रक्रिया है और हमें इसे सीखने की आवश्यकता है। उन्होंने जशपुर के आदिवासी बेटे के मुख्यमंत्री बनने का उदाहरण देते हुए लोकतंत्र की ताकत और खूबसूरती को बताया।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ विधानसभा के सदस्यगण, नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम, आईआईएम रायपुर के निदेशक राम कुमार, और आईआईएम के प्रोफेसर्स सुमीत गुप्ता, संजीव पराशर, और अर्चना पराशर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा सदस्यों से इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का पूरा लाभ उठाने और छत्तीसगढ़ के विकास के लिए समर्पित रहने की अपील की।

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