
दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमा पर मंगलवार की सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में पांच नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि तीन के शव बरामद हो चुके हैं। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में नक्सलियों के भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा, गौरव राय ने जानकारी दी कि यह मुठभेड़ जिला दंतेवाड़ा और बीजापुर की सरहदी क्षेत्र में हुई। सुरक्षा बलों की टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी, और करीब सुबह 8 बजे के आसपास दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की, जिससे तीन नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से तीन नक्सलियों के शव और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। तलाशी अभियान जारी है, और मारे गए नक्सलियों की संख्या में बढ़ोतरी भी हो सकती है।
500 जवानों की टीम ने इंद्रावती नदी के पार बड़ी संख्या में नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में मोर्चा संभाला था। फिलहाल, नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया गया है और सर्चिंग जारी है।
पहले भी बड़ी सफलता: 20 मार्च को, बीजापुर और कांकेर में हुई मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली थी। बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए थे, जबकि कांकेर में 4 नक्सलियों को ढेर किया गया था। कुल 30 नक्सली मारे गए थे, जिनके शव बरामद किए गए थे।
नक्सलमुक्त भारत अभियान: केंद्रीय गृहमंत्री ने इस सफलता पर ट्वीट कर कहा था कि नक्सलमुक्त भारत अभियान के तहत सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने इस ऑपरेशन को नक्सलवाद के खिलाफ देश की सख्त नीति का हिस्सा बताया और आगामी दिनों में नक्सलवाद से निपटने के लिए और अधिक कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है।
सुरक्षाबलों की ओर से लगातार बढ़ती सफलता यह दर्शाती है कि नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में तेजी से प्रगति हो रही है, और 31 मार्च तक देश को नक्सलमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।