
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर धर्मांतरण की घटनाओं को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ गई हैं और राज्य सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा धर्मांतरण को एक राजनैतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिलासपुर, रायपुर, जशपुर और बस्तर जैसे क्षेत्रों में धर्मांतरण की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार और भाजपा इस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा धर्मांतरण के मामलों में दिखावे के लिए शिकायत करती है, जबकि असल में भाजपा के लोग ही इन घटनाओं का संरक्षण करते हैं।
धर्म स्वातंत्र विधेयक का मसौदा
बैज ने कहा कि साय सरकार ने अपनी पहली बैठक में दावा किया था कि नया “धर्म स्वातंत्र विधेयक” का ड्राफ्ट तैयार है और यह 60 दिन के भीतर लागू किया जाएगा, लेकिन सवा साल से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह धर्मांतरण को बढ़ावा देती है और इसके बाद वर्ग संघर्ष करवाती है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी
बैज ने यह भी बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जबरन धर्मांतरण को देश के लिए एक बड़ी समस्या बताया था और इस पर कानून बनाने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश दिया था। हालांकि, एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन केंद्र सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। बैज ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह धर्मांतरण पर केवल राजनीति करती है और इसका कोई स्थायी समाधान नहीं चाहती।
कांग्रेस की चुनौती
दीपक बैज ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चुनौती दी कि वह धर्मांतरण के मामलों पर विशेष श्वेत पत्र जारी करें, जिसमें यह स्पष्ट हो सके कि भाजपा की रमन सरकार के दौरान कितने चर्च बने और कांग्रेस सरकार के दौरान कितने चर्च बने। बैज ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य केवल इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाना है, न कि इसका स्थायी समाधान करना।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को हिंदुत्व या सनातन से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि वह केवल अपनी राजनीतिक साजिशें चलाती है और छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की घटनाओं के पीछे भाजपा का ही हाथ है।