
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि वह सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सप्लाई कॉर्पोरेशन) के दवा घोटाले और भारतमाला परियोजना के मुआवजे घोटाले की जांच लीपापोती करने के लिए ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) से करवा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार इन घोटालों में शामिल अपने वरिष्ठ नेताओं और रसूखदार व्यक्तियों को बचाना चाहती है और इसलिए इन मामलों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से नहीं करवाई जा रही है।
सीबीआई से जांच की मांग
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि दोनों ही घोटाले केंद्र सरकार की योजनाओं से संबंधित हैं और इसमें केंद्रीय धन का दुरुपयोग हुआ है, इसलिए इन मामलों की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि छोटे-छोटे मामलों की जांच करने वाली सीबीआई और ईडी इस मामले में क्यों नहीं हस्तक्षेप कर रही हैं।
दवा सप्लाई घोटाले में मंत्री की भूमिका
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने दवा सप्लाई घोटाले की जांच की घोषणा की थी, लेकिन राज्य सरकार की ईओडब्ल्यू से जांच करवा कर मामले की लीपापोती की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह घोटाला केंद्रीय पैसे में हुआ है और इसमें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी शामिल हैं। शुक्ला ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच के दौरान मंत्री ने चलती जांच के बीच दवा सप्लाई करने वाली कंपनी को भुगतान करवा दिया, जो घोटाले में उनकी संलिप्तता को स्पष्ट करता है।
भारतमाला परियोजना घोटाला
शुक्ला ने भारतमाला परियोजना में मुआवजे के घोटाले पर भी सवाल उठाए, जिसमें केंद्रीय सरकार के खजाने पर डाका डाला गया है। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और इसमें भी केंद्रीय राशि का गड़बड़ी से उपयोग किया गया है। इसलिए इस घोटाले की जांच के लिए सीबीआई को कार्रवाई करनी चाहिए, साथ ही इस मामले में हुए सैकड़ों करोड़ रुपये के लेन-देन में हुई गड़बड़ी की जांच ईडी से करवाई जानी चाहिए।
कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से यह मांग की है कि दोनों घोटालों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से करवाई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन मामलों में शामिल सभी दोषियों को सजा मिले और घोटालों के सही रूप से पर्दाफाश हो सके।