
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर किए गए अपने विवादास्पद मज़ाक को लेकर घिरे स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने माफी मांगने से मना कर दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक बयान जारी कर कहा कि वह “इस भीड़” से नहीं डरते और अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। राज्य सरकार ने उनसे माफी मांगने की मांग की थी, लेकिन कामरा ने इस पर साफ तौर पर मना कर दिया।
कुणाल कामरा ने कहा, “जो लोग मेरा नंबर लीक करने या मुझे कॉल करने में व्यस्त हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अब तक उनके सभी कॉल मेरे वॉयसमेल पर जाते हैं, जहां वह गाना बजता है जिसे वह सबसे ज्यादा नफरत करते हैं।” इसके अलावा उन्होंने पत्रकारिता और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी टिप्पणी की, भारत में प्रेस की स्वतंत्रता को 159वें स्थान पर होने का जिक्र करते हुए।
कामरा ने आगे कहा, “मैं माफी नहीं मांगूंगा, जो मैंने कहा वह वही है जो अजीत पवार ने शिंदे के बारे में कहा था। मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं चुपके से घटना के शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।” उन्होंने कहा कि यह हास्य कलाकार का अधिकार है कि वह अपनी अभिव्यक्ति को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करें और किसी भी राजनीतिक दल या स्थल के ऊपर इसका अधिकार नहीं होना चाहिए।
उन्होंने शिवसेना कार्यकर्ताओं और नेताओं पर भी पलटवार किया, जिन्होंने हैबिटेट स्टूडियो तक मार्च किया और कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की। कामरा ने कहा, “एक मनोरंजन स्थल केवल एक मंच है, और वह मंच यह तय नहीं कर सकता कि मैं क्या कहता हूँ।” उन्होंने इसे राजनीति से जुड़े लोगों की चुप्पी को चुनौती दी और कहा कि वह अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का पालन करते हुए सार्वजनिक रूप से अपने विचार रखने में विश्वास रखते हैं।
कामरा ने अपने बयान में यह भी कहा, “अगर किसी राजनीतिक नेता को यह समस्या है कि मैंने उनके बारे में मज़ाक उड़ाया, तो वह इसका विरोध करें, लेकिन यह विरोध करना उनके अधिकार में नहीं है कि वह मेरी स्वतंत्रता को दबाने की कोशिश करें।”
कुणाल कामरा की यह प्रतिक्रिया उनकी विवादास्पद टिप्पणियों के बाद आई है, जब कुछ शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उनके द्वारा की गई टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। हालांकि, कामरा का कहना है कि वह अपने मंच पर जो कहते हैं, उसके लिए वे जिम्मेदार हैं, न कि आयोजन स्थल या राजनीतिक दल।