
रायपुर। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के तहत भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग द्वारा मुंबई में आयोजित “देश का प्रकृति परीक्षण” अभियान के प्रथम चरण का समापन समारोह हाल ही में हुआ। केंद्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव की उपस्थिति में यह समापन समारोह मुंबई के जहांगीर भाभा थियेटर में हुआ। इस अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ राज्य ने पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया, जिसके लिए राज्य को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान छत्तीसगढ़ के आयुर्वेदिक, यूनानी एवं प्राकृतिक चिकित्सा परिषद रायपुर के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला ने प्राप्त किया।
छत्तीसगढ़ राज्य में इस अभियान की शुरुआत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने संविधान दिवस (26 नवंबर 2024) को की थी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेई की जयंती (25 दिसंबर 2024) को कुनकुरी में इस अभियान का समापन हुआ। अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में साढ़े चार लाख से ज्यादा नागरिकों का प्रकृति परीक्षण किया गया।
अभियान के महत्व को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के पहल पर राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के विभिन्न संगठनों के 40 हजार से अधिक अधिकारियों एवं जवानों का भी प्रकृति परीक्षण किया गया।
इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ को यह सम्मान मिलना एक बड़ी बात है और राज्य की जनता के हित में निरंतर मेहनत और ईमानदारी से कार्य करते रहने की आवश्यकता है।
यह अभियान राज्य के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और आयुष विभाग की प्रभावी कार्यवाही का प्रतीक है, जिसने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण पहचान दिलाई है।