
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणसिंह देव ने कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस विधायकों और आईएएस/आईपीएस अधिकारियों के ठिकानों पर सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के विरोध में पुतला दहन का ऐलान करने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। देव ने इसे कांग्रेस के संविधान विरोधी राजनीतिक चरित्र का स्पष्ट उदाहरण बताया और कहा कि कांग्रेस की यह हरकत संवैधानिक संस्थाओं की जाँच-प्रक्रिया के खिलाफ एक गंभीर राजनीतिक निम्नता का परिचायक है।
देव ने कहा, “अगर बघेल और कांग्रेस नेताओं ने कोई गलत काम नहीं किया है, तो फिर जाँच और छापों से इतने बदहवास क्यों हैं?” उन्होंने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस के नेताओं को चाहिए था कि वे विधि-सम्मत जाँच प्रक्रिया में सहयोग करते, लेकिन इसके बजाय दबाव बनाकर यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि वे अपनी गलतियों को छुपा रहे हैं।
इससे पहले ईडी द्वारा की गई जाँच को लेकर भी कांग्रेस ने अमर्यादित आचरण दिखाया था और जाँच एजेंसी के अधिकारियों पर हमला किया था। देव ने इसे लेकर भी तीखी आलोचना की और कहा कि कांग्रेस ने अपनी हिंसक और अलोकतांत्रिक हरकतों से यह दिखा दिया कि उनके शासनकाल में कुछ गलत किया गया है, जिसकी छानबीन हो रही है।
देव ने यह भी कहा कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में कांग्रेस के विधायक और मंत्री अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे थे, लेकिन बघेल ने उन अफसरों को शह दी। अब जब जाँच एजेंसियाँ कार्रवाई कर रही हैं और दोषी अधिकारियों को जेल भेजा जा रहा है, तो बघेल इसे भाजपा का षड्यंत्र बताकर दोषियों की वकालत करने में संकोच नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस से सवाल किया, “क्या कांग्रेस को देश के संविधान और कानून पर भरोसा नहीं है?” उन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह हरकतें साफ दिखाती हैं कि कहीं न कहीं मामला गड़बड़ है। देव ने कांग्रेस नेताओं को नसीहत देते हुए कहा कि असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और हिंसक आचरण से बचते हुए वे केंद्रीय जाँच एजेंसियों को अपना काम शांतिपूर्वक करने दें और उसमें पूरा सहयोग करें।