
रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वित्तमंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, केन्द्रीय जीएसटी एवं उत्पाद शुल्क कमिश्नर मोहम्मद अबू शमॉ और राज्य जीएसटी आयुक्त पुष्पेन्द्र कुमार मीणा से सीजीएसटी अधिनियम की धारा 128ए (जीएसटी की एमनेस्टी योजना) के तहत कर भुगतान की तिथि को 31 मार्च 2025 से बढ़ाकर 31 मई 2025 तक करने का अनुरोध किया है।
कैट के चेयरमैन मगेलाल मालू, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, और अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारिक समुदाय और उद्योगों के लिए यह एमनेस्टी योजना एक राहत साबित हो रही है, लेकिन इस योजना के तहत कर भुगतान की अंतिम तिथि 31 मार्च 2025 होने के कारण कई छोटे और मंझले व्यापारी इस तिथि से पहले कर भुगतान करने में असमर्थ हैं।
कैट के प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया कि व्यापारियों को मार्च के अंत में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के चलते कई वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को आयकर अधिनियम की धारा 43बी(एच) के तहत समय सीमा के भीतर भुगतान करना पड़ता है, जिससे वे इस समय सीमा में एमनेस्टी योजना का लाभ लेने में असमर्थ हो रहे हैं।
कैट का कहना है कि यदि इस तिथि को बढ़ाकर 31 मई 2025 कर दिया जाए तो व्यापारियों को इस योजना का पूरा लाभ उठाने का समय मिलेगा, जिससे सरकार को अधिक राजस्व मिलेगा और व्यापारी समुदाय को राहत मिलेगी।
कैट ने इस मांग के साथ सरकार से अपील की है कि व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए तिथि को बढ़ाया जाए।