
रायपुर। थाना कबीर नगर क्षेत्र के फेस 04 में आदिवासी बच्चों से घर के काम करवाने वाली आरोपी महिला बिनीता शर्मा को 10 साल बाद गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पति सतीश शर्मा उर्फ क्षितिज को पहले ही सन 2022 में आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी थी।
प्रकरण का विवरण: आरोपी सतीश शर्मा उर्फ क्षितिज और उसकी पत्नी बिनीता शर्मा के खिलाफ थाना कबीर नगर में अपराध क्रमांक 66/2015 धारा 370, 420, 467, 468, 471, 34 भादवी, 03(1-06)(2-5) अनुसूचित जाति/जनजाति (अधिनियम) एवं धारा 23 किशोर न्याय एवं बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। यह मामला तब सामने आया जब वर्ष 2014-15 में जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत आदिवासी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर दिया गया था।
आरोपी सतीश शर्मा ने झूठी जानकारी देकर बच्चों को वेदांता इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने के लिए भेजा और बाद में उन्हें घरेलू काम करने के लिए अपने घर में रख लिया। इन बच्चों से झाड़ू, पोछा, बर्तन धोने, गाड़ी धोने और हाथ-पैर दबाने जैसे काम करवाए गए। बच्चों को फोन पर बात नहीं करने दी जाती थी और उनकी कोई जानकारी संबंधित परिवार को नहीं दी जाती थी।
गिरफ्तारी प्रक्रिया:
फरार आरोपिया बिनीता शर्मा की गिरफ्तारी के लिए नगर पुलिस अधीक्षक अमन कुमार झा के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। थाना कबीर नगर के सहायक उप निरीक्षक घनश्याम साहू, महिला आरक्षक शारदा ध्रुव और महिला आरक्षक कंचन लता खालको के साथ गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से आरोपिया को गिरफ्तार किया गया। इस गिरफ्तारी में आरक्षक राधेश्याम सिंह, ACCU का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपिया:
श्रीमती बिनीता शर्मा उर्फ बिनीता शर्मा, पति सतीश शर्मा (पूर्व क्षितिज शर्मा), उम्र 38 वर्ष, निवासी मयूर विहार फेस 2, हाउस नंबर 190, परपरगंज ईस्ट दिल्ली, और वर्तमान पता प्रतीक ग्रैंड सिटी, फ्लैट नंबर 404, 4th फ्लोर, सिद्धार्थ विहार, थाना विजयनगर, जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद, पुलिस ने मामले की जांच और विवेचना को आगे बढ़ाया है।