
रायपुर। केंद्रीय सरकार की नीतियों और आर्थिक प्रबंधन पर तीखा हमला करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि मोदी सरकार के तहत देश की अर्थव्यवस्था में गिरावट और बेरोज़गारी में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। वर्मा ने कहा कि यह रिपोर्ट सामने आई है कि अब देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी और एनआईटी जैसे उच्च शिक्षा के मंदिरों में भी प्लेसमेंट में भारी कमी आई है, जो युवाओं के लिए चिंता का विषय है। संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इन संस्थानों में प्लेसमेंट में 10 प्रतिशत से अधिक गिरावट आई है।
वर्मा ने कहा, “देश में बेरोज़गारी की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि आईआईटी और एनआईटी जैसे शीर्ष तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए भी नौकरी प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है। यह मोदी सरकार की नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है।”
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य संकट में है। सरकारी उपक्रमों और नवरत्न कंपनियों में 30 लाख से अधिक पद रिक्त हैं, लेकिन सरकार इन पदों की भर्ती नहीं कर रही है। इसके अतिरिक्त, बैंकिंग सेवा, एसएससी, रेलवे जैसे प्रमुख क्षेत्रों की भर्ती परीक्षाएं पिछले 11 वर्षों से बाधित हैं। पहले ये परीक्षाएं नियमित रूप से आयोजित होती थीं, लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद इनमें लगातार रुकावटें आई हैं।
वर्मा ने आगे कहा, “मोदी और भाजपा ने हर साल दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा सिर्फ एक जुमला साबित हुआ है।”
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन के कारण प्रमुख बुनियादी उद्योगों में वृद्धि दर लगातार घट रही है, लोग गरीबी और महंगाई से जूझ रहे हैं, और देश पर कर्ज का बोझ दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। “सरकारी उपक्रमों को कौड़ियों के दाम पर बेचा जा रहा है और देश के संसाधनों को चंद पूंजीपति मित्रों के हाथों में सौंपा जा रहा है।”
प्रदेश कांग्रेस ने मोदी सरकार से सवाल किया है कि जब सरकार के पास युवा बेरोज़गारी, आर्थिक मंदी, और सरकारी कंपनियों के संकट जैसे मुद्दों का समाधान नहीं है, तो वे कब तक इन समस्याओं की अनदेखी करती रहेंगी?