
कोरिया जिले के शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) संक्रमण की पुष्टि होने के बाद, सोमवार रातभर में 34 हजार से अधिक चूजे, अंडे और मुर्गियों को दफनाया गया। संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए जिले की सीमा पर नाकेबंदी की गई है और अगले तीन महीने तक अंडे और चिकन की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि, संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए जिले के एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में किसी भी पोल्ट्री उत्पाद के परिवहन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संक्रमित क्षेत्र की सीमा पूर्व में हैचरी से जनकपुर, पश्चिम में धौराटिकरा, उत्तर में खुटहनपारा और दक्षिण में विधायक नगर तक फैली हुई है। निगरानी क्षेत्र की सीमा हैचरी से 10 किलोमीटर तक निर्धारित की गई है, जो महोरा ब्रिज से शंकरपुर, छरछा बस्ती और बड़गांव तक जाती है।
निगरानी क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों की दुकानों और बाजारों को बंद रखा गया है। इसके अलावा, डोर-टू-डोर डिलीवरी भी रोक दी गई है। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान भोपाल से बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद, हैचरी के सभी पोल्ट्री उत्पादों को तत्काल नष्ट कर दिया गया।
रैपिड रिस्पांस टीम का गठन और स्वास्थ्य उपाय
इस संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है, जो बर्ड फ्लू के मामलों पर नजर रखेगी और आवश्यक कार्रवाई करेगी। संक्रमण के जोखिम से बचने के लिए नष्ट करने वाली टीम के सभी कर्मचारियों को ओसेल्टामिवीर टैबलेट प्रदान की जा रही है।
कंट्रोल रूम और सतर्कता बढ़ाई गई
कलेक्टर त्रिपाठी ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचें, क्योंकि अफवाह फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, जिले में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका नंबर 07836-232469 है। नागरिक किसी भी आपात स्थिति में इस कंट्रोल रूम से संपर्क कर सकते हैं।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़, चिरमिरी भरतपुर और बिलासपुर मार्ग पर बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही है। संक्रमित क्षेत्र में पोल्ट्री उत्पादों जैसे मुर्गियां, चूजे और अंडे जब्त कर नष्ट किए जाएंगे, और इसके लिए सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा भी दिया जाएगा।
निष्कर्ष:
कोरिया में बर्ड फ्लू के संक्रमण के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने प्रभावी कदम उठाए हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।