
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के संगठन चुनावों में हो रही देरी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कांग्रेस को “अजगर की तरह सोई पड़ी” बताते हुए कहा कि पार्टी अपने शासनकाल के भ्रष्टाचार के घिसे-पिटे माल को पचाने में लगी हुई है। शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में पिछले डेढ़ साल में न तो सदस्यता अभियान चला और न ही ब्लॉक कमेटियों के चुनाव हुए, जबकि पार्टी वही पुराने, प्रभावहीन जिला पदाधिकारियों से काम चला रही है।
भाजपा के कामकाज का जिक्र
संदीप शर्मा ने भाजपा के कामकाज का हवाला देते हुए कहा कि जहां कांग्रेस में खामोशी छाई हुई है, वहीं भाजपा ने विधानसभा चुनाव के बाद सदस्यता अभियान चलाकर 60 लाख से अधिक सदस्य बनाए। इसके साथ ही भाजपा ने बूथ, मंडल और जिला अध्यक्षों के चुनाव भी किए और किरण सिंह देव को पुनः प्रदेश अध्यक्ष चुना। शर्मा ने बताया कि भाजपा ने लोकसभा, नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज की।
कांग्रेस में अंतर्कलह और गुटीय संघर्ष
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस में इतने बड़े गुटीय संघर्ष और अंतर्कलह की स्थिति बन चुकी है कि अब कोई भी नेता प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि पार्टी की हालत इतनी खराब है कि वह अपने जिला अध्यक्षों की दूसरी सूची तक नहीं घोषित कर पा रही है। इसके कारण, पार्टी के बड़े नेताओं के बीच सामंजस्य की कमी सामने आ रही है।
राहुल गांधी की चुनौती
शर्मा ने सवाल किया कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी 3 अप्रैल को छत्तीसगढ़ में सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों से मिलकर क्या और कैसे सुझाव देंगे, क्योंकि पार्टी के भीतर गुटीय संघर्ष और पद की होड़ स्पष्ट रूप से नजर आ रही है।
भ्रष्टाचार और न्यायिक कार्रवाई
संदीप शर्मा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच चल रही है और वे कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अब 2028 के विधानसभा चुनावों को लेकर उलझन में है, क्योंकि पार्टी के अंदर यह चिंता पैदा हो गई है कि कौन नेता मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त होगा।
भाजपा प्रवक्ता ने अंत में यह कहा कि कांग्रेस अपने आंतरिक संकटों से बाहर नहीं निकल पा रही है, और आने वाले समय में यह पार्टी के लिए और भी बड़ी चुनौती बन सकती है।