
रायपुर। रायपुर नगर निगम के जोन 2 स्थित शहीद स्मारक भवन में आयोजित “समाधान शिविर” को लेकर कांग्रेस पार्षद दल के प्रवक्ता शेख मुशीर ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि “विष्णु सरकार द्वारा चलाया जा रहा सुशासन तिहार और समाधान शिविर सिर्फ एक दिखावा है, वास्तविक समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।”
क्या बोले शेख मुशीर?
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18 शिकायतों में केवल 1 का समाधान
“मेरे वार्ड से पहले के सुशासन तिहार में कुल 18 समस्याएं जनता ने रखी थीं, जिनमें सिर्फ एक को ही प्रगति में बताया गया है। बाकी सभी शिकायतें अब तक अनसुनी पड़ी हैं। ऐसे में समाधान शिविर का क्या औचित्य?” -
पानी और बिजली संकट पर सवाल
“रायपुर में पानी और बिजली की स्थिति भयावह है। कई वार्डों में जनता पानी के लिए संघर्ष कर रही है। थोड़ी सी हवा चलने पर घंटे भर बिजली गुल हो जाती है।” -
सड़कों और पेड़ों की बदहाली
“एक हफ्ते पहले तेज़ हवाओं से गिरे पेड़ आज भी खंबों से लटके हैं। सड़कों पर लगे बिजली पोल बॉक्स के ढक्कन गायब हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।” -
बरसात में जलभराव की तस्वीर
“तीन दिन पहले की हल्की बरसात में नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा था – यह कैसा सुशासन?”
प्रशासन पर सीधा हमला
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“महापौर को शहर की बिजली कटौती की जानकारी नहीं होती।”
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“नगरीय प्रशासन मंत्री ही महापौर से पानी की समस्या को लेकर सवाल कर रहे हैं।”
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“जोन अध्यक्ष और जोन कमिश्नर सड़कों पर बहस कर रहे हैं।”
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“जनता पानी और बिजली की किल्लत को लेकर भाजपा पार्षदों का घेराव कर रही है, और सरकार इसे ‘सुशासन’ बता रही है!”
निष्कर्ष
पार्षद शेख मुशीर ने साफ तौर पर यह जताया है कि समाधान शिविर केवल एक राजनीतिक दिखावा बनकर रह गए हैं, जिनका ज़मीनी स्तर पर जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने प्रशासन से वास्तविक और त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
