Monday, March 9, 2026
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रायपुर : पीएम आवास योजना में लापरवाही पर गरियाबंद कलेक्टर सख्त, 11 पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस

रायपुर गरियाबंद। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर गरियाबंद जिले के कलेक्टर बी.एस. उइके ने सख्त रुख अपनाते हुए 11 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या स्वेच्छाचारिता बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा बैठक में सामने आई अनियमितताएं

जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पंचायतवार स्वीकृत, प्रगतिरत और अप्रारंभ आवासों की स्थिति का मूल्यांकन करते हुए ग्राम पंचायतों के सचिवों से सीधे जवाब-तलब किया।

जिन पंचायतों में लापरवाही पाई गई, उनमें शामिल हैं:

  • दांतबाय कला

  • कोसमबुड़ा

  • गुजरा

  • खरता

  • हाथबाय

  • बरबाहरा

  • मौहाभांठा

  • बेगरपाला

  • लोहारी

  • मरदाकला

  • खरहरी

इन ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में गंभीर उदासीनता और प्रगति में बाधा के चलते सचिवों को तत्काल नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया।

निर्देश: कार्य में तेजी और पारदर्शिता जरूरी

कलेक्टर उइके ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि:

  • अप्रारंभ आवास कार्यों को तुरंत शुरू करें।

  • प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करें।

  • हर निर्माण कार्य की जियो टैगिंग कराएं।

  • किश्तों की राशि वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के नाम पर यदि किसी प्रकार की अवैध लेन-देन की शिकायत मिली, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जनमन योजना की भी हुई समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री जनमन योजना की भी समीक्षा की गई, जिसमें जानकारी दी गई कि जिले में कमार जनजाति के लिए 911 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 295 आवास पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने हेतु समन्वित कार्ययोजना बनाने और क्रियान्वयन के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्टर का संदेश: मैदानी अमला रहे पूरी तरह सतर्क

कलेक्टर बी.एस. उइके ने कहा कि राज्य शासन द्वारा योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ऐसे में मैदानी अमले को अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और संवेदनशील होकर कार्य करना चाहिए, ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का समुचित लाभ समय पर मिल सके।

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