
बागबाहरा। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी क्वार्टर में एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस इस घटना को सामूहिक आत्महत्या के रूप में देख रही है, हालांकि अभी तक इसके पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
घटना स्थल – शासकीय क्वार्टर, बागबाहरा
पुलिस को जैसे ही घटना की सूचना मिली, मौके पर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और फॉरेंसिक टीम तुरंत पहुंची और पूरे क्षेत्र को सील कर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक निरीक्षण में पता चला कि तीन शव – मां और दो बच्चों के – बिस्तर पर पड़े थे, जबकि पति का शव पंखे से लटका हुआ मिला।
मृतकों की पहचान
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बसंत पटेल (41) – आदिमजाति कल्याण विभाग, बागबाहरा में चपरासी
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भारती पटेल (38) – पत्नी
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सेजल पटेल (12) – बेटी
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कियांश पटेल (4) – बेटा
परिवार मूलतः थाना पटेवा अंतर्गत ग्राम चिरको का निवासी था।
जांच जारी, कारण अज्ञात
अब तक की जांच में कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस फिलहाल मृतकों के मोबाइल फोन, दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच कर रही है। बसंत पटेल के सहकर्मियों और पड़ोसियों से पूछताछ भी जारी है।
पड़ोसियों की मानें तो…
पड़ोसियों के अनुसार, यह परिवार शांत स्वभाव का था और किसी तरह की कोई घरेलू कलह या परेशानी की जानकारी नहीं थी। घटना के समय घर का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे पुलिस को आत्महत्या की आशंका है।
प्रशासन की अपील
महासमुंद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मानसिक तनाव, पारिवारिक दबाव या अवसाद के संकेत दिखाई दें, तो वे तत्काल मनोवैज्ञानिक सलाह लें और नज़दीकी सहायता केंद्र से संपर्क करें।
सवाल खड़े कर रही है घटना
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क्या बसंत पटेल ने पहले पत्नी और बच्चों को मौत के घाट उतारा?
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क्या यह पूरा मामला किसी मानसिक या वित्तीय दबाव का परिणाम है?
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या इसमें कोई अन्य व्यक्ति शामिल है?
इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स से जल्द ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
