
रायपुर जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले प्रधान आरक्षक जय कुमार वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्तमान में जीआरपी रायपुर में पदस्थ है और उस पर कई लोगों से धोखाधड़ी कर भारी रकम वसूलने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महेन्द्र सिंह मानसर (उम्र 49 वर्ष), निवासी ग्राम परसदा, जिला जांजगीर-चांपा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में पुलिस आरक्षक भर्ती के दौरान उन्होंने अपने भाई भूपेन्द्र सिंह मानसर का आवेदन जिला राजनांदगांव के लिए जमा कराया था। इसी दौरान रेलवे स्टेशन बिलासपुर में उनकी मुलाकात जय कुमार वर्मा से हुई, जो खुद को जीआरपी का प्रधान आरक्षक बताते हुए नौकरी लगवाने का दावा करने लगा।
जय वर्मा ने नौकरी के एवज में 10 लाख रुपये की मांग की। महेन्द्र सिंह, जो एक पैर से विकलांग हैं, ने भाई के भविष्य को देखते हुए अपनी कृषि भूमि गिरवी रखकर और कर्ज लेकर रकम की व्यवस्था की। दिनांक 6 सितंबर 2018 को रायपुर निवासी एक अन्य अभ्यर्थी मनोज मिंज के घर में, गवाहों की मौजूदगी में 9 लाख रुपये महेन्द्र ने, और 3 लाख रुपये मनोज मिंज की मां ने आरोपी को नकद दिए। इसके अलावा 1 लाख रुपये एटीएम से भी आरोपी को दिए गए।
ठगी के शिकार और भी लोग
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने गांव के कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूल किए। जब भर्ती प्रक्रिया में भूपेन्द्र सिंह मानसर और मनोज मिंज चयनित नहीं हुए, तो रकम वापस मांगी गई। आरोपी ने टालमटोल करते हुए वर्षों तक रकम नहीं लौटाई। केवल वर्ष 2019 में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान 2 लाख रुपये लौटाए, बाकी रकम आज तक नहीं दी।
मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
महेन्द्र सिंह की रिपोर्ट पर थाना अकलतरा में आरोपी के खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत प्रकरण क्रमांक 440/25 दर्ज किया गया। आरोपी जय कुमार वर्मा (उम्र 40 वर्ष), निवासी ग्राम कडार, थाना चकरभाठा, जिला बिलासपुर, हाल निवास डब्ल्यूआरएस कॉलोनी, रायपुर को दिनांक 15 मई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
