
देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक ऐतिहासिक और सख्त निर्णय लेते हुए तुर्की और अज़रबैजान के साथ सभी व्यापारिक और व्यावसायिक संबंधों के बहिष्कार का ऐलान किया है। यह फैसला आज राजधानी दिल्ली में आयोजित कैट के राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में देशभर से आए 125 से अधिक शीर्ष व्यापारी नेताओं की सर्वसम्मति से लिया गया।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन अमर पारवानी, प्रदेश अध्यक्ष परमानन्द जैन, महामंत्री सुरिंद्र सिंह, और कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम तुर्की और अज़रबैजान द्वारा पाकिस्तान का खुला समर्थन करने और भारत विरोधी रुख अपनाने के विरोध में उठाया गया है।
व्यापारिक दुनिया का देशभक्ति संकल्प
अमर पारवानी ने कहा:”जब कोई देश भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देता है, तो उसका उत्तर शांति के सबसे प्रभावशाली अस्त्र – आर्थिक बहिष्कार से दिया जाएगा।”
“भारत की ओर से संकट के समय तुर्की और अज़रबैजान को दी गई मानवीय और कूटनीतिक सहायता के बावजूद, इनका पाकिस्तान के पक्ष में खड़ा होना अस्वीकार्य है।”
सम्मेलन में लिए गए मुख्य निर्णय:
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तुर्की और अज़रबैजान से आयात-निर्यात पर पूर्ण विराम
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फिल्म और विज्ञापन शूटिंग पर रोक की मांग – फ़िल्म उद्योग से अपील की गई है कि इन देशों में कोई भी शूटिंग न करें
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यात्रा और पर्यटन बहिष्कार – ट्रैवल एजेंसियों से इन देशों को पर्यटन स्थल के रूप में प्रमोट न करने की अपील
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नीतिगत बदलाव की मांग – भारत सरकार से दोनों देशों के साथ व्यापारिक नीति की समीक्षा की मांग
तुर्की की कंपनी पर पहले ही लगा है प्रतिबंध
पारवानी ने भारत सरकार द्वारा “Celebi Ground Handling India Pvt. Ltd.” की सुरक्षा मंजूरी रद्द करने के निर्णय का भी स्वागत किया। यह कंपनी भारत के 9 प्रमुख हवाई अड्डों पर संचालन कर रही थी। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में बेहद आवश्यक कदम हैं।
व्यापक जनजागरूकता अभियान की तैयारी
कैट देशभर में एक विशाल जनजागरूकता अभियान शुरू करेगा, ताकि व्यापारियों, उपभोक्ताओं और यात्रा क्षेत्र के पेशेवरों को इस बहिष्कार अभियान से जोड़ा जा सके। यह अभियान राष्ट्र की संप्रभुता, सुरक्षा और गौरव की रक्षा के उद्देश्य से चलाया जाएगा।
एकजुटता का संदेश
सम्मेलन में भारत के 24 राज्यों से आए व्यापारी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एकजुटता व्यक्त की और कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। जब तक तुर्की और अज़रबैजान अपने रुख में बदलाव नहीं करते, तब तक भारतीय व्यापारी समुदाय इनके साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखेगा।
