
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से समाजसेवी और एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला ने भारत सरकार द्वारा चीन के साथ जारी व्यापारिक संबंधों को तत्काल समाप्त करने की मांग को लेकर भारत गणराज्य की राष्ट्रपति महामहिम द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक शिकायत (ग्रीवेंस) दर्ज कराई है।
कुणाल शुक्ला ने अपने पत्र में अप्रैल 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र करते हुए बताया कि उस हमले में 26 निर्दोष भारतीयों की पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इसके प्रत्युत्तर में भारतीय सेना द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकवादी ठिकानों पर लक्षित हमले किए गए।
उनका आरोप है कि इस सैन्य टकराव के दौरान चीन ने पाकिस्तान का सीधा समर्थन किया, बावजूद इसके भारत सरकार ने चीन के साथ व्यापारिक संबंधों को यथावत बनाए रखा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मसम्मान और शहीदों के बलिदान के प्रति अनादर की संज्ञा दी है।
शुक्ला ने अपने पत्र में राष्ट्रपति से यह अनुरोध किया है कि भारत सरकार को निर्देशित किया जाए कि वह चीन के साथ सभी प्रकार के व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को तत्काल प्रभाव से समाप्त करे।”पाकिस्तान पर तो प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन चीन जैसे देश के साथ व्यापार जारी रखना शहीदों के बलिदान का अपमान है,” — कुणाल शुक्ला, सामाजिक कार्यकर्ता
कुणाल शुक्ला का यह कदम सोशल मीडिया और जनमानस के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है। कई नागरिक संगठनों ने भी उनकी मांग का समर्थन किया है।
