
रायपुर जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में कांग्रेस की प्रदेश स्तरीय “संविधान बचाओ रैली” का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें एआईसीसी महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। रैली में हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक उपस्थित हुए।
प्रमुख वक्ताओं के भाषणों की मुख्य बातें:
सचिन पायलट (प्रदेश प्रभारी, AICC):
-
रैली का उद्देश्य सिर्फ भाषण देना नहीं, संविधान की रक्षा और जनजागरूकता है।
-
केंद्र सरकार की तानाशाही नीति और विपक्ष को कुचलने के प्रयासों पर निशाना।
-
आतंकवाद, कश्मीर मुद्दा, और सीजफायर जैसे अंतरराष्ट्रीय मामलों पर केंद्र की नीतियों की आलोचना।
-
बीजेपी को सेना का अपमान नहीं करने की नसीहत, “सेना का पराक्रम राजनीति से ऊपर है।”
दीपक बैज (प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस):
-
संविधान को बचाना आज की सबसे बड़ी चुनौती।
-
देश में जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का आरोप।
-
अंबेडकर के योगदान का अपमान करने का आरोप बीजेपी पर।
-
कहा, “हम गांव-गांव, घर-घर जाकर संविधान की रक्षा करेंगे।”
भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री):
-
कांग्रेस नेताओं को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाने का आरोप।
-
जातिगत जनगणना को कांग्रेस की जीत बताया।
-
महिला आरक्षण के क्रियान्वयन में केंद्र की मंशा पर सवाल।
-
कहा, “महिला मजदूरी 28 हजार की जगह एक हजार देकर धोखा दे रही सरकार।”
-
पहलगांव और झीरम घाटी जैसी घटनाओं को लेकर सुरक्षा चूक की बात दोहराई।
डॉ. चरणदास महंत (नेता प्रतिपक्ष):
-
“हम भारत के लोग” केवल किताबों तक सीमित रह गया है।
-
संसद में विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप।
-
व्यक्ति पूजा और लोकतांत्रिक संस्थाओं के क्षरण पर चिंता।
-
जातिगत जनगणना की बात अब बीजेपी भी स्वीकार कर रही है।
राज्यभर से जुटे नेता और कार्यकर्ता:
रैली में पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, धनेन्द्र साहू, सत्यनारायण शर्मा, फूलोदेवी नेताम, डॉ. शिवकुमार डहरिया, गुरू रुद्रकुमार, जयसिंह अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल रहे।
रैली का उद्देश्य:
-
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जन-जागरण
-
जातिगत जनगणना, महिला आरक्षण, और समानता के अधिकार की रक्षा
-
केंद्र सरकार की कथित तानाशाही नीतियों और विभाजनकारी राजनीति का विरोध
-
बीजेपी द्वारा सेना और स्वतंत्र संस्थाओं के अपमान का विरोध
