
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांग्रेस पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार पर बोरे-बासी दिवस 2023 में 8 करोड़ से अधिक के कथित भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और भावनाओं को अपमानित करते हुए कांग्रेस ने इस आयोजन को भी भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया।
वर्मा के आरोपों के मुख्य बिंदु:
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बोरे-बासी दिवस 2023 के एक दिन के आयोजन में 8.14 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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1.10 करोड़ में 6 डोम बनाए जाने का दावा, पर केवल 4 डोम ही बने।
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75 लाख में खाना, 27 लाख का पानी, 13 लाख की छाछ, और 82 लाख की टोपी वितरित करने की बात सामने आई।
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150 अतिथियों को 10-10 हजार के मोमेंटो दिए गए, जिनकी असली कीमत 4 हजार रुपए बताई गई।
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सूचना के अधिकार (RTI) से निकले दस्तावेजों के अनुसार, मजदूरों की संख्या सिर्फ 15 हजार थी।
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5 रुपये की पानी की बोतल को 18 रुपये में खरीदा गया।
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कुर्सियाँ भी महज 10-12 हजार ही लगाई गईं, जबकि बिलों में भारी खर्च दर्शाया गया।
“कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ महतारी का अपमान किया” – टंकराम वर्मा
वर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने “छत्तीसगढ़िया” होने का दावा तो किया, लेकिन छत्तीसगढ़ की संस्कृति, भोजन और जीवनशैली का उपयोग भ्रष्टाचार की राजनीति के लिए किया। उन्होंने भूपेश बघेल को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब कांग्रेस को भ्रष्टाचार पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा।
सरकार की जांच जारी, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
राजस्व मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सभी दोषियों को न्यायिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”बिना किसी पड़ताल के एजेंसियों को करोड़ों के बिल मंजूर कर भुगतान किया गया। यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस शासन में सरकारी खजाने को लूट का जरिया बना दिया गया था।”
पृष्ठभूमि में छिपा गंभीर संकेत
“बोरे-बासी” जो कि छत्तीसगढ़ की लोकजीवन और परंपरा का प्रतीक है, उसे राजनीतिक लाभ और कथित भ्रष्टाचार का माध्यम बनाए जाने का यह मामला अब सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन चुका है। अगर जांच में आरोप सही पाए गए, तो यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
