
रायपुर। रायपुर रेंज साइबर थाना की सतत कार्यवाही और ऑपरेशन साइबर शील्ड के अंतर्गत साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी फर्जी बैंक खातों के संचालन, साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने और म्यूल अकाउंट के जरिए धोखाधड़ी में सक्रिय रूप से संलिप्त थे।
गिरफ्तारी की यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर की गई, जिनके नेतृत्व में साइबर अपराध के खिलाफ रणनीतिक योजना तैयार की गई। योजना के तहत साइबर थाना रायपुर को बैंक खाता संवर्धक, संचालक, सिम विक्रेता, बैंक अधिकारी और एजेंट जैसे सभी सहयोगी अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे।
मुख्य बिंदु:
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गिरफ्तार आरोपी म्यूल अकाउंट खुद ऑपरेट कर रहे थे।
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ठगी की बड़ी रकम प्राप्त कर अलग-अलग स्थानों से ट्रांजैक्शन किया जा रहा था।
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आरोपियों से तकनीकी विश्लेषण व पूछताछ के बाद यह कार्रवाई संभव हुई।
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सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।
प्रशिक्षण और संसाधन:
रेंज साइबर थाना में पदस्थ पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण, अद्यतन उपकरण और डिजिटल संसाधन प्रदान कर उनकी क्षमता का संवर्धन किया गया है, जिससे साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाया है।
गिरफ्तार आरोपी:
| क्रम | नाम | उम्र | पता |
|---|---|---|---|
| 1 | देवेंद्र शर्मा | 32 वर्ष | ग्राम अरेल, मुंडेरवा, जगदीशपुर, उत्तरप्रदेश |
| 2 | सनी सोनी | 26 वर्ष | भवानी नगर, कोटा, रायपुर |
| 3 | राकेश साहू | 45 वर्ष | दलदल सिवनी, मोवा, रायपुर |
| 4 | राजेन्द्रपुरम | 32 वर्ष | विधानसभा रोड, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सड्डू, रायपुर |
| 5 | भानु प्रताप सेन | 22 वर्ष | बजरंग चौक, तूता, रायपुर |
| 6 | अब्दुल कलाम | 49 वर्ष | मौदहापारा, रायपुर |
| 7 | रोहित कस्तूरिया | 24 वर्ष | दिव्या कॉलोनी, न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर |
| 8 | रितेश निर्मलकर | 39 वर्ष | कुंद्रा पारा, थाना गुढियारी, रायपुर |
| 9 | ऋतिक शर्मा | 25 वर्ष | बजरंग चौक, तिल्दा, रायपुर |
| 10 | बज्जू शर्मा | 25 वर्ष | दीनदयाल वार्ड, तिल्दा, रायपुर |
अन्य विवरण:
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केस: थाना सिविल लाइन रायपुर, अपराध क्रमांक 44/25, 129/25
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धाराएं: 317(2), 317(4), 317(5), 111, 3(5) बी एन एस
आगे की कार्रवाई:
पुलिस अब म्यूल बैंक खाता संचालन में शामिल बैंक अधिकारियों, एजेंटों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, सीए और सिम विक्रेताओं पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर रोक लगाने की दिशा में प्रभावी और निर्णायक कदम मानी जा रही है।
