
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने भाठागांव स्थित एक मकान में छापा मारकर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई में मुख्य सरगना महिला समेत चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला गरीब और मजबूर युवतियों को नौकरी और अच्छी आमदनी का झांसा देकर देह व्यापार में धकेल रही थी।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह के निर्देशन में की गई। टीम का नेतृत्व एएसपी पश्चिम दौलत राम पोर्ते, एएसपी शहर लखन पटले और नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन ने किया।
मुखबिर की सूचना पर की गई रेड
31 मई को पुलिस को सूचना मिली कि भाठागांव के इटालिया हाउस नामक मकान में अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने पांइटर की मदद से ऑपरेशन को अंजाम दिया और मौके पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान रूषा खरे (38 वर्ष), निवासी अंबेडकर नगर, पेंड्रावन, थाना सरसीवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को गिरफ्तार किया गया।
तीन अन्य महिलाएं भी पकड़ी गईं
मौके से तीन अन्य महिलाएं भी मिलीं — धनेश्वरी मरकाम (सरगुजा), बिंदिया सिधार (जांजगीर-चांपा) और सीताबाई बरेठ (रायगढ़)। पूछताछ में इन महिलाओं ने बताया कि उन्हें रूषा खरे ने अच्छी नौकरी और आय का लालच देकर बुलाया था, बाद में जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया।
मौके से आपत्तिजनक सामग्री बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 1500 रुपये नगद, 14 कंडोम (नए और उपयोग किए गए) जब्त किए। मामले में आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम 1956 की धारा 4, 5 और 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। रूषा खरे को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका:
इस कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन, निरीक्षक योगेश कश्यप, उपनिरीक्षक शिशुपाल चंद्रवंशी, महिला प्रधान आरक्षक योगिता मिश्रा, महिला आरक्षक कावेरी चक्रवर्ती, आरक्षक नरेश क्षत्रिय, भुनेश्वर ठाकुर, अनिल चंद्राकर, सुनील शुक्ला, जितेंद्र साहू और कमलेश मांडवी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
