
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना आजाद चौक पुलिस की संयुक्त टीम ने 9 वर्षों से फरार चल रहे चिटफंड घोटाले के आरोपी दिनेश हेमराज टेम्भरे उर्फ बबलू को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। दिनेश JSV Developers India Ltd और Jai Vinayak Buildcorp Ltd का डायरेक्टर था।
करोड़ों की धोखाधड़ी, फिर फरार
वर्ष 2016 में आरोपी टेम्भरे और उसके साथियों ने रायपुर के महादेव घाट रोड स्थित मुस्कान प्लाज़ा से चिटफंड कंपनी संचालित करते हुए राज्यभर में लोक लुभावनी स्कीमों के जरिए सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपए की ठगी की थी। निवेशकों को पैसे दोगुना करने का लालच देकर रकम जमा कराई गई थी और फिर अचानक कंपनी कार्यालय बंद कर सभी आरोपी फरार हो गए थे।
तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरी से मिली लोकेशन
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों – आईजी अमरेश मिश्रा और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह – के निर्देश पर टीम ने आरोपी की लगातार तकनीकी ट्रैकिंग की। आखिरकार नागपुर की गुजराती कॉलोनी में उसकी मौजूदगी की पुष्टि होने पर एक विशेष टीम नागपुर रवाना की गई।
टीम ने कैम्प लगाकर कार्रवाई करते हुए आरोपी दिनेश टेम्भरे को उसके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान
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नाम: दिनेश हेमराज टेम्भरे उर्फ बबलू
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पिता का नाम: हेमराज टेम्भरे
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उम्र: 46 वर्ष
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निवासी: फ्लैट नं. 301, सरस्वती अपार्टमेंट, गुजराती कॉलोनी, नेताजी नगर, थाना कलमना, नागपुर (महाराष्ट्र)
कई धाराओं में दर्ज हैं अपराध
थाना आजाद चौक में दिनेश के विरुद्ध पहले से धोखाधड़ी, चिटफंड अधिनियम और निवेशक संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज हैं:
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अपराध क्रमांक: 182/2016
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धारा: 420, 34 भादवि, चिटफंड एवं स्कीम अधिनियम की धारा 4(5), छ.ग. निवेशक हित संरक्षण अधिनियम की धारा 10
टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी
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एण्टी क्राइम यूनिट प्रभारी: निरीक्षक परेश पांडेय
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टीम सदस्य: बसंती मौर्य, घनश्याम साहू, महेन्द्र राजपूत, अभिषेक सिंह तोमर, राजकुमार देवांगन आदि
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थाना आजाद चौक से: सउनि प्रदीप चंदेल, प्रआर नोहर देशमुख
पुलिस का बयान
पुलिस का कहना है कि बाकी फरार डायरेक्टरों की भी तलाश तेजी से जारी है और इस तरह के आर्थिक अपराधों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
निवेशकों से अपील है कि ठगी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में रिपोर्ट करें।
