
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में एक क्रांतिकारी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आम नागरिकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
इस योजना का लाभ जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगर निवासी रजनीकांत राठौर को भी मिला है। उन्होंने अपने मकान की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किया जिसकी कुल लागत ₹1.80 लाख रही। सरकार द्वारा इस पर ₹78,000 की सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में प्रदान की गई।
राठौर ने बताया कि “पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता सताती थी, अब बिल पूरी तरह शून्य है।” उन्होंने इस योजना को आम आदमी के लिए वरदान बताया और प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
योजना के लाभ :
0 से 105 यूनिट मासिक खपत :
1 से 2 किलोवाट सोलर प्लांट पर ₹30,000 से ₹60,000 तक अनुदान।
150 से 300 यूनिट मासिक खपत :
2 से 3 किलोवाट क्षमता पर ₹60,000 से ₹78,000 तक अनुदान।
300 यूनिट से अधिक मासिक खपत :
3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले प्लांट पर अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी।
आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़
यह योजना छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए लाखों परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। रजनीकांत जैसे हजारों उपभोक्ता अब न केवल अपने घरों की बिजली जरूरत खुद पूरी कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण की रक्षा में भी भागीदार बन रहे हैं।
