
रायपुर देश के सबसे बड़े व्यापारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने आज छत्तीसगढ़ के माननीय वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी से मुलाकात कर विवादित GST मामलों में अपील की समयसीमा में चूक होने पर माफी प्रदान करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कैट के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन अमर पारवानी के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, अध्यक्ष परमानंद जैन, महामंत्री सुरिंदर सिंह, कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल सहित अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे।
ज्ञापन का मुख्य बिंदु:
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2017-18 से 2021-22 तक के GST वर्षों में अनेक करदाताओं को केवल पोर्टल पर नोटिस अपलोड कर दिए गए, जबकि उन्हें ईमेल या भौतिक रूप से सूचित नहीं किया गया।
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जानकारी के अभाव में समयसीमा में अपील दाखिल नहीं हो सकी, और अब आयुक्त (अपील) 30 दिन से ज्यादा की देरी को माफ नहीं कर पा रहे हैं।
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कैट ने मांग की कि CGST अधिनियम की धारा 148 के तहत विशेष छूट प्रदान की जाए, ताकि करदाता उचित अपील कर सकें।
पुनरीक्षण प्राधिकरण की शक्तियों का विस्तार जरूरी:
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कैट ने यह भी मांग की कि धारा 108 के तहत पुनरीक्षण प्राधिकरण की शक्तियों को विस्तारित किया जाए, ताकि वह अपने अधीनस्थ अधिकारी के आदेश की समीक्षा कर सके, भले ही वह आदेश करदाता के लिए प्रतिकूल न हो।
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वर्तमान में करदाता के पास कोई व्यवहारिक उपाय नहीं बचता, जिससे वह न्याय की मांग कर सके।
मंत्री ओ.पी. चौधरी का आश्वासन:
माननीय वित्तमंत्रीओ.पी. चौधरी ने कैट के इस गंभीर विषय पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया कि—
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यह मुद्दा आगामी GST काउंसिल बैठक में उठाया जाएगा।
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व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:
अमर पारवानी, परमानंद जैन, अवनीत सिंह, प्रीतपाल बग्गा, शंकर बजाज, महेन्द्र बागरोडिया, राजेन्द्र खटवानी, भूपेन्द्र सिंह, गोल्डी जैन, शैलेन्द्र सिंह, बी.एस. परिहार, अनमोल जैन सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
