
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी ‘महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह बन चुकी है। इस योजना की मदद से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की हिन्देश्वरी इंदु राजे ने न सिर्फ आर्थिक संकटों से बाहर निकलने का रास्ता तलाशा, बल्कि एक सफल होटल व्यवसाय शुरू कर स्वावलंबन की मिसाल कायम की है।
पूर्व में मितानिन के रूप में सेवा देने वाली हिन्देश्वरी को काम छोड़ने के बाद आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। लेकिन महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली ₹1,000 मासिक सहायता राशि ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। उन्होंने इस राशि को अपनी माता उषा देवी के साथ मिलकर सहेजा, और एक छोटे होटल की नींव रखी। शुरुआत में मामूली संसाधनों से शुरू हुआ यह प्रयास, अब स्थायित्व और आर्थिक मजबूती की ओर अग्रसर है।
सरकार के प्रति आभार
हिन्देश्वरी ने इस बदलाव का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की नीतिगत मार्गदर्शना को देते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।
योजना से सशक्त हो रही हैं महिलाएं
प्रदेश में 10 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के तहत अब तक ₹10,433.64 करोड़ की राशि सीधे महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। योजना का लाभ 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को मिल रहा है।
यह योजना महज आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक आधारशिला बन गई है। हिन्देश्वरी जैसी अनगिनत महिलाएं इस योजना के जरिये अपने छोटे व्यवसाय, सेवाएँ या स्वरोजगार शुरू कर रही हैं, और दूसरों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन रही हैं।
एक प्रेरणास्पद उदाहरण
“सरकार की इस योजना ने हमें सिर्फ पैसे नहीं दिए, बल्कि भरोसा दिया कि हम भी कुछ कर सकते हैं,” — हिन्देश्वरी इंदु राजे।
