
राजधानी रायपुर में मंगलवार को एनएसयूआई (NSUI) कार्यकर्ताओं द्वारा सरकारी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री के निवास के बाहर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चक्काजाम और यातायात बाधा डालने के आरोप में पुलिस ने कई एनएसयूआई नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि:
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर के छात्रावास में लंबे समय से पानी, बिजली, साफ-सफाई, और अन्य मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर आवाज़ उठाई थी। पहले इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया था, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री के बंगले का घेराव किया।
चक्काजाम और यातायात बाधा:
प्रदर्शन के दौरान भारत माता चौक के पास एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोक कर चक्काजाम किया, जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। पुलिस के बार-बार समझाने के बावजूद कार्यकर्ता नहीं माने और भारी भीड़ एकत्रित करते रहे। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
FIR दर्ज, ये नेता नामजद:
प्रदर्शन और यातायात बाधा के मामले में सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। जिन प्रमुख नेताओं के नाम एफआईआर में शामिल हैं, वे हैं:
-
तारिक अनवर खान
-
कुनाल दुबे
-
संस्कार पाण्डे
-
अथर्व श्रीवास्तव
-
अंकित बंजारे
-
तथा अन्य अज्ञात कार्यकर्ता
इन सभी पर प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
NSUI की प्रतिक्रिया:
एनएसयूआई नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण था और उनका उद्देश्य छात्रों की न्यायोचित मांगों को सरकार तक पहुँचाना था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को “दमनात्मक” बताया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
