
रायपुर। पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” (पूर्व सैनिक महासभा) के राष्ट्रप्रेम से प्रेरित अभियान “ऑपरेशन सिपाही रक्षासूत्र” का इस वर्ष और अधिक विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन की सहर्ष स्वीकृति और कई राष्ट्रवादी संगठनों की भागीदारी के साथ यह अभियान अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
अभियान का उद्देश्य:
इस पावन रक्षाबंधन पर भारतीय सेना, वायुसेना, नौसेना और सीमा सुरक्षा बलों के 21 लाख वीर सैनिकों तक छत्तीसगढ़ की माटी का तिलक और रक्षासूत्र पहुँचाया जाएगा। यह कार्यक्रम 26 जुलाई (कारगिल विजय दिवस) से 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) तक चलने वाले विजय पखवाड़ा के तहत आयोजित किया जाता है।
जुड़ने वाले प्रमुख संगठन:
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पूर्व सैनिक महासभा के 16 संगठन
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“सिपाही शक्ति” (सैन्य मातृशक्ति)
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अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद
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भाजपा सैन्य प्रकोष्ठ एवं महिला मोर्चा
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ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, आर्य समाज
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क्षत्रिय महासभा वीरांगना, जय वंदेमातरम्, लायंस क्लब
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छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्कूल, कॉलेज एवं सामाजिक संगठन
पिछले वर्षों की उपलब्धियाँ:
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2023 में: 6.71 लाख रक्षासूत्र
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2024 में: 9 लाख रक्षासूत्र
ये सभी नि:शुल्क सेना मुख्यालय तक पहुँचाए गए।
रक्षासूत्र पैकेज में क्या होगा?
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एक राखी (रक्षासूत्र)
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एक चुटकी मिट्टी (तिलक हेतु)
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एक पत्र (जिसमें भेजने वाले का नाम, पता, मोबाइल नंबर)
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लिफाफे में बंद कर संकलन केंद्र पर जमा करना होगा
अभियान यात्रा का रूट:
20 जुलाई को रायपुर से शुरू होकर यात्रा 1 अगस्त को सेना मुख्यालय, नई दिल्ली पहुँचेगी। वहाँ से “ऑपरेशन सिंदूर” के शौर्य स्थल आदमपुर (पंजाब) तक अभियान आगे बढ़ेगा।
प्रमुख मार्ग:
रायपुर → भिलाई → दुर्ग → राजनांदगाँव → कवर्धा → बिलासपुर → रायगढ़ → अंबिकापुर → वाराणसी → प्रयागराज → ग्वालियर → आगरा → मथुरा → नई दिल्ली।
संपर्क सूत्र:
जो भी संगठन, संस्था या व्यक्ति रक्षासूत्र भेजना चाहते हैं, वे मिट्टी, राखी और पत्र सहित अपने पैकेट की जानकारी पूर्व सैनिक संगठन “सिपाही” (मोबाइल: 7000790095) से संपर्क कर सकते हैं।
वक्ताओं के विचार:
महेंद्र प्रताप सिंह राणा (अध्यक्ष, पूर्व सैनिक महासभा):इस वर्ष यह अभियान देश के 21 लाख सैनिकों तक हमारी मातृभूमि का प्रेम और आशीर्वाद पहुँचाएगा।
संजय श्रीवास्तव (भाजपा प्रदेश महामंत्री):पूर्व सैनिक संगठन ‘सिपाही’ के इस प्रयास ने छत्तीसगढ़ को राष्ट्रभक्ति के मानचित्र पर ऊँचा स्थान दिलाया है।
शालिनी राजपूत (अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा):यह केवल राखी नहीं, देश के लिए त्याग, प्रेम और सम्मान का संदेश है।
