
रायपुर। छत्तीसगढ़ की ट्रिपल इंजन सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ योजना में की गई कटौती को लेकर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस कदम को रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों पर छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों के साथ किया गया अन्याय बताया और कहा कि यह निर्णय महंगाई से जूझ रही जनता के साथ खुला धोखा और लूट है।
“साय सरकार दे रही है मोदी गारंटी का असली चेहरा” – उपाध्याय
विकास उपाध्याय ने कहा कि बीजेपी की साय सरकार “बिजली बिल हाफ योजना” के नाम पर जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि यह कटौती पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजना के विपरीत है और सिर्फ दिखावे के लिए दरों में फेरबदल किया जा रहा है ताकि सरकार को जनहितैषी दिखाया जा सके।महतारी वंदन योजना में जो पैसा दिया गया, उसे अब बिजली बिल और अन्य टैक्स के माध्यम से जनता से वापस लिया जा रहा है। यह लूट की तैयारी है विकास उपाध्याय
बिजली व्यवस्था पर भी उठाए सवाल:
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ट्रांसफार्मर की खराब स्थिति और लो वोल्टेज की बढ़ती समस्या
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बिना सूचना के घंटों बिजली कटौती
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विभागीय अधिकारियों द्वारा शिकायतों की अनदेखी
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आपदा प्रबंधन में सरकार की असफलता
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घटिया क्वालिटी के उपकरणों की खरीद
उपाध्याय ने आरोप लगाया कि हाल ही में आए तूफान और बारिश के दौरान 48 घंटे तक बिजली पोल गिरे पड़े रहे, लेकिन सरकार की ओर से कोई तत्काल राहत या सुधार कार्य नहीं किया गया।
“जनता को भ्रमित करने की राजनीति कर रही है बीजेपी”
पूर्व विधायक ने कहा कि साय सरकार महंगाई से त्रस्त जनता को राहत देने के बजाय बिजली बिल, संपत्ति कर और अन्य योजनाओं के माध्यम से उनकी जेब पर डाका डाल रही है। उन्होंने इसे “अच्छे दिन आते जा रहे हैं” कहकर तंज कसते हुए कहा कि मोदी की गारंटी दरअसल महंगाई, लूट और भ्रम की गारंटी बन चुकी है।
जनता से की जागरूकता की अपील
विकास उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की कि वे सरकार के इस “ढोंगी निर्णय” के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाएं और अपने हक की लड़ाई लड़ें।
