Saturday, March 7, 2026
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बस्तर संभाग बना डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का मॉडल, पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बना छत्तीसगढ़ का प्रयास

रायपुर। छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग अब राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं में एक अनुकरणीय मॉडल बनकर उभर रहा है। नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन ने यहां स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं अब तकनीकी युग से कदम से कदम मिलाकर चल रही हैं।

बस्तर में ई-हॉस्पिटल का सफल संचालन

बस्तर संभाग के 6 जिला चिकित्सालय, 2 सिविल अस्पताल, और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। अब मरीजों को ओपीडी पंजीकरण, परामर्श, जांच, दवा वितरण सहित सभी सेवाएं एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिल रही हैं। इससे ना केवल सेवा में पारदर्शिता आई है, बल्कि मरीजों की संतुष्टि और कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

डिजिटल नवाचारों के सकारात्मक परिणाम

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन (HFR) और हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन (HPR) की प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। अस्पताल परिसरों में स्थापित आभा कियोस्क से मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाने और ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिल रही है, जिससे लंबी कतारों से निजात मिल रही है।

  • जिला चिकित्सालय बस्तर में मई से जुलाई 2025 के बीच कुल 60,045 ओपीडी पंजीयन दर्ज किए गए, जिनमें से 53% (32,379) पंजीयन आभा लिंक के माध्यम से किए गए।

  • जिला चिकित्सालय दंतेवाड़ा में इसी अवधि में 33,895 पंजीयन हुए, जिनमें से 13,729 (40%) पंजीयन डिजिटल एकीकरण से जुड़े रहे।

सभी जिलों में विस्तार की योजना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, “बस्तर संभाग में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का यह प्रयोग अत्यंत सफल सिद्ध हो रहा है। इससे मरीजों को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं। हम शीघ्र ही इस मॉडल को पूरे राज्य में लागू कर ‘स्वस्थ और सशक्त छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को साकार करेंगे।”

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा, “यह तकनीकी पहल सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर चिकित्सा सुविधा पहुंचाने का मजबूत माध्यम भी बन रही है।”

स्वस्थ भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ की बड़ी पहल

बस्तर संभाग में यह परिवर्तन साबित करता है कि जब तकनीक, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनभागीदारी मिलती है, तो विकास की गति कई गुना तेज हो जाती है। यह नवाचार न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाएगा, बल्कि ‘स्वस्थ भारत’ के निर्माण में भी छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी को मजबूत करेगा।

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