
रायपुर: छत्तीसगढ़ की 41 नाबालिक लड़कियों का बिहार के पटना के रेड लाइट इलाके से बरामद होना भाजपा सरकार के लिए शर्मनाक घटना है, जिसे कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार के लिए एक “काला धब्बा” बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एक ओर जहाँ भाजपा सरकार महिला दिवस के मौके पर विज्ञापन छपवाकर महिला सुरक्षा का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर यह घटना सामने आई है, जो राज्य सरकार की नाकामी को उजागर करती है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिलाओं की सुरक्षा में पूरी तरह से विफल रही है। राज्य में महिला अपराधों में बढ़ोतरी हुई है, और छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाके जैसे जशपुर और बस्तर मानव तस्करी का केंद्र बन गए हैं। शुक्ला ने कहा कि इन इलाकों से महिलाएं नौकरी के लालच में फंसी हैं, और दिल्ली, मुंबई में बंधक बनाकर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की कि गायब हुई लड़कियों की खोज के लिए तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जाए और राज्य में काम करने वाली प्लेसमेंट एजेंसियों की जांच भी की जाए। ये एजेंसियां बिना सही जानकारी के लड़कियों को नौकरी के नाम पर बाहर भेजती हैं, और उनका कोई हिसाब किताब नहीं होता।
इसके साथ ही, शुक्ला ने याद दिलाया कि रमन सरकार के दौरान भी छत्तीसगढ़ मानव तस्करी के मामले में शीर्ष राज्यों में था और 2013 में UNODC की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ था कि दिल्ली और मुंबई के रेड लाइट इलाकों में पाई जाने वाली अधिकांश लड़कियां छत्तीसगढ़ से लाई जाती थीं। रमन सरकार के दौरान 27,000 से अधिक महिलाएं लापता हो गई थीं। अब फिर से उसी दौर की वापसी हो रही है, जब साय सरकार ने सत्ता संभाली है।
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने होंगे।