
रायपुर। रायपुर सांसद और कोयला मंत्रालय द्वारा गठित संसदीय परामर्शदात्री समिति के सदस्य बृजमोहन अग्रवाल ने कोयला गैसीकरण तकनीक के महत्व पर जोर दिया है। बुधवार को आयोजित समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक में “कोयले का वैकल्पिक उपयोग स्वच्छ उपयोग की दिशा में कोयला गैसीकरण” विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बैठक में अग्रवाल ने कोयला गैसीकरण की संभावनाओं, चुनौतियों और इससे जुड़े नीतिगत पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “कोयला गैसीकरण तकनीक भारत की ऊर्जा सुरक्षा और हरित ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल औद्योगिक क्षेत्रों में ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान एवं विकास, बुनियादी ढांचे में निवेश और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी नीतियां बनाए।
बैठक में कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी, समिति सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कोयला गैसीकरण के विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय व्यक्त की और मंत्रालय द्वारा इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, बैठक में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और कोयला आधारित उद्योगों के सतत विकास के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी चर्चा की गई।
बृजमोहन अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा पर्यावरण हितैषी ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का उल्लेख करते हुए आशा व्यक्त की कि कोयला गैसीकरण से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करेगा।