
रायपुर। भाजपा प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विकास मरकाम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे पर एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के मजबूत नेतृत्व के चलते बस्तर में नक्सलवाद अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल मुक्त हो जाएगा।
विकास मरकाम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने वाला राष्ट्रनायक बताया और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत अब शांति के टापू के रूप में पहचाना जाने लगा है। उन्होंने कहा, “अमित शाह जी के निर्णायक निर्णयों और मजबूत विजन के कारण नक्सली समर्पण करने को मजबूर हो गए हैं और अब वे वार्ता के लिए घुटने टेकने लगे हैं।”
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की भी विकास मरकाम ने तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार एक आदिवासी मुख्यमंत्री बने हैं, जिनकी नीतियों से बस्तर के आदिवासी समाज को फायदा हो रहा है। आदिवासी मुख्यमंत्री के होने से नक्सलियों के समर्पण में भी तेजी आई है। सरकार द्वारा समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई जा रही हैं, जैसे पीएम आवास, वनाधिकार पट्टा, आदिवासी आश्रम स्कूलों में बच्चों का दाखिला, स्वरोजगार के लिए ऋण एवं अनुदान, बस्तर फाइटर्स में भर्ती और प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करना।
विकास मरकाम ने बस्तर को अपार संभावनाओं से भरपूर बताते हुए कांग्रेस पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी नक्सलियों की हिमायती रही है और प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर कर दिया था। कांग्रेस का कार्यकाल भ्रष्टाचार और नक्सलियों के विस्तार के लिए याद किया जाएगा, लेकिन अब बस्तर के आदिवासियों ने कांग्रेस का नकली चेहरा पहचान लिया है और उसे नकार दिया है।”
विकास मरकाम ने आगे कहा कि अब बस्तर विकास की नई दिशा में बढ़ रहा है। एक ओर जहां “नियद नेल्लानार” योजना से गांवों का सर्वांगीण विकास हो रहा है, वहीं बस्तर के लोकपर्व और संस्कृति को वैश्विक पहचान देने के लिए “बस्तर पंडुम 2025” का आयोजन हो रहा है। इसके अलावा, बस्तर ओलंपिक के आयोजन से खेल कूद में प्रतिभावान खिलाड़ियों को नई ऊंचाई देने की दिशा में भी काम हो रहा है।
बस्तर के विकास की दिशा में और भी महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। बजट 2025-26 में 3200 बस्तर फाइटर्स की भर्ती की घोषणा की गई है, जिससे युवाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये मानदेय प्रति मानक बोरा, 18 लाख पीएम आवास, महतारी वंदन योजना, पीएम नल जल योजना के जरिए बस्तरवासियों को साफ पेयजल प्रदान किया जाएगा। इन योजनाओं से बस्तर का भाग्य बदलने वाला है और यह प्रदेश के विकास में एक अहम कदम साबित होगा।