रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र में बुधवार रात घटित दो अलग-अलग मोबाइल लूट की घटनाओं ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। चंद मिनटों के अंतराल में दो स्थानों पर हुई यह वारदातें न केवल अपराधियों के बेखौफ होने का संकेत देती हैं, बल्कि पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
पहली वारदात: वैदुर्य निगम से मोबाइल लूटा गया
रात लगभग 9:15 बजे, B1/43 लोकमान्य सोसायटी, रोहिणीपुरम निवासी वैदुर्य निगम अप्पू स्वीट्स के पास से केंद्रीय भूजल सर्वेक्षण कार्यालय की ओर पैदल टहल रहे थे। इस दौरान सफेद स्कूटर पर सवार एक बदमाश, जिसने चेहरे को कपड़े से ढंक रखा था, उनके हाथ से मोबाइल झपट कर फरार हो गया।
पीड़ित ने कुछ दूरी तक बदमाश का पीछा भी किया और आसपास के लोग भी रालास इन्क्लेव तक उसे पकड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह भागने में सफल रहा। पीड़ित ने डीडी नगर थाने में घटना की लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है।
दूसरी वारदात: ओमप्रकाश साहू भी बने शिकार
इसी के कुछ ही मिनट पहले, लगभग 9:10 बजे, टाटीबंध निवासी ओमप्रकाश साहू से भी डीडी नगर सेक्टर-1 के पास मोबाइल छीनने की वारदात हुई। उन्होंने भी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों वारदातों की समय, स्थान और तरीका एक जैसा होने से यह संदेह गहराता है कि इलाके में लूटपाट करने वाला कोई संगठित गिरोह सक्रिय हो सकता है।
अपराधियों के हौसले बुलंद, पुलिस पर उठे सवाल
लगातार बढ़ रही स्नैचिंग और लूट की घटनाएं राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही हैं। स्थानीय लोग अब रात के समय बाहर निकलने से डरने लगे हैं। एक ही रात, एक ही इलाके में दो वारदातें यह दर्शाती हैं कि गश्त और निगरानी तंत्र कमजोर हो गया है।
अब जरूरी है ठोस पुलिस कार्रवाई
अब देखना होगा कि पुलिस इन घटनाओं पर कितनी गंभीरता और तत्परता से कार्रवाई करती है।
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सीसीटीवी फुटेज की जांच
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संदिग्ध वाहनों की पहचान और तलाशी
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रात्रि गश्त बढ़ाना
जैसे कदम तात्कालिक रूप से आवश्यक हैं।
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आमजन का पुलिस पर से भरोसा कमजोर हो सकता है और अपराधियों का मनोबल और बढ़ेगा।
