Sunday, April 5, 2026
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MSME को मज़बूत करने के लिए बैंकों को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय होना होगा बृजमोहन अग्रवाल

छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहली पीढ़ी के उद्यमियों को प्राथमिकता देने का सुझाव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 

अंडमान और निकोबार (हैवलॉक) में एस्टीमेट कमेटी की बैठक: बृजमोहन अग्रवाल ने MSME को गति देने में बैंकों की भूमिका पर रखे सुझाव

 

MSME भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़” — पोर्ट ब्लेयर में बृजमोहन अग्रवाल का बैंकों से संतुलित ऋण वितरण का आह्वान

 

विकसित भारत 2047 की दिशा में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका अहम: हैवलॉक बैठक में बोले बृजमोहन अग्रवाल

 

*पहली पीढ़ी के उद्यमियों को प्राथमिकता दें बैंक: एस्टीमेट कमेटी बैठक में बृजमोहन अग्रवाल का जोर

 

रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल शनिवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में लोकसभा की एस्टीमेट कमेटी की बैठक में शामिल हुए 

 बैठक का मुख्य विषय “MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका” रहा

 

जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक और उद्यमशीलता की अपार संभावनाओं वाले राज्यों में बैंकिंग सहायता की प्रभावशीलता की समीक्षा की

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैंकों को स्पष्ट सुझाव देते हुए कहा कि MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यदि बैंक प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाएं, तो स्थानीय युवाओं, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है

उन्होंने बैंकों को सुझाव दिया कि, पहली पीढ़ी के उद्यमियों को ऋण देते समय अत्यधिक औपचारिकताओं से बचा जाए

स्टार्टअप, सर्विस सेक्टर, रिसर्च आधारित उद्यम और नए जमाने के व्यवसायों को MSME के रूप में स्वीकार किया जाए.

PM विश्वकर्मा, PM मुद्रा जैसी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराया जाए

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार जैसे क्षेत्रों में टैलेंट और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ज़रूरत है तो केवल बैंकों की सकारात्मक सोच और संतुलित नीति की। बड़े उद्योगों और MSME सेक्टर — दोनों को समान महत्व देकर ही समावेशी विकास संभव है

 

बैठक में सुझाव दिया गया कि, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) अनुपात सुधारने के साथ-साथ स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार ऋण उत्पाद तैयार करने चाहिए और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों, विशेषकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में, शाखा स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता ब चाहिए

समिति के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अंडमान-निकोबार में CD अनुपात 2020-21 में 52.15% से बढ़कर 2024-25 में 59.65% हो गया है

इस प्रगति का उल्लेख करते हुए सांसद ब्रजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह बैंकिंग कवरेज और ऋण प्रवाह को तेज़ करने की आवश्यकता है, ताकि MSME क्षेत्र को वास्तविक लाभ मिल सके

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि PM मुद्रा योजना के अंतर्गत माइक्रो और छोटे गैर-कॉरपोरेट व्यवसायों को ₹20 लाख तक का बिना गारंटी ऋण सभी क्षेत्रों—जैसे इवेंट मैनेजमेंट, कंसल्टेंसी, ब्यूटी-मेकअप, प्रोफेशनल सर्विसेज आदि—में सरल प्रक्रिया के साथ उपलब्ध कराया जाए

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने के लिए बैंकों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जिससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आर्थिक विकास और रोज़गार के नए अवसर सृजित हो सकें।*MSME को मज़बूत करने के लिए बैंकों को ज़मीनी स्तर पर सक्रिय होना होगा बृजमोहन अग्रवाल

 

छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पहली पीढ़ी के उद्यमियों को प्राथमिकता देने का सुझाव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल

 

अंडमान और निकोबार (हैवलॉक) में एस्टीमेट कमेटी की बैठक: बृजमोहन अग्रवाल ने MSME को गति देने में बैंकों की भूमिका पर रखे सुझाव*

 

*“MSME भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़” — पोर्ट ब्लेयर में बृजमोहन अग्रवाल का बैंकों से संतुलित ऋण वितरण का आह्वान

 

विकसित भारत 2047 की दिशा में बैंकिंग सेक्टर की भूमिका अहम: हैवलॉक बैठक में बोले बृजमोहन अग्रवाल

 

*पहली पीढ़ी के उद्यमियों को प्राथमिकता दें बैंक: एस्टीमेट कमेटी बैठक में बृजमोहन अग्रवाल का

 

रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री बृजमोहन अग्रवाल शनिवार को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के पोर्ट ब्लेयर में लोकसभा की एस्टीमेट कमेटी की बैठक में शामिल हुए

बैठक का मुख्य विषय “MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने में बैंकों की भूमिका” रहा

 

जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर छत्तीसगढ़ जैसे औद्योगिक और उद्यमशीलता की अपार संभावनाओं वाले राज्यों में बैंकिंग सहायता की प्रभावशीलता की समीक्षा की

बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बैंकों को स्पष्ट सुझाव देते हुए कहा कि MSME भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यदि बैंक प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाएं, तो स्थानीय युवाओं, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है

उन्होंने बैंकों को सुझाव दिया कि, पहली पीढ़ी के उद्यमियों को ऋण देते समय अत्यधिक औपचारिकताओं से बचा जाए

स्टार्टअप, सर्विस सेक्टर, रिसर्च आधारित उद्यम और नए जमाने के व्यवसायों को MSME के रूप में स्वीकार किया जाए.

PM विश्वकर्मा, PM मुद्रा जैसी योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराया जाए

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, “छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार जैसे क्षेत्रों में टैलेंट और संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ज़रूरत है तो केवल बैंकों की सकारात्मक सोच और संतुलित नीति की। बड़े उद्योगों और MSME सेक्टर — दोनों को समान महत्व देकर ही समावेशी विकास संभव है

 

बैठक में सुझाव दिया गया कि, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट (CD) अनुपात सुधारने के साथ-साथ स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार ऋण उत्पाद तैयार करने चाहिए और ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों, विशेषकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में, शाखा स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता ब चाहिए

समिति के समक्ष प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, अंडमान-निकोबार में CD अनुपात 2020-21 में 52.15% से बढ़कर 2024-25 में 59.65% हो गया है

इस प्रगति का उल्लेख करते हुए सांसद ब्रजमोहन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह बैंकिंग कवरेज और ऋण प्रवाह को तेज़ करने की आवश्यकता है, ताकि MSME क्षेत्र को वास्तविक लाभ मिल सके

बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि PM मुद्रा योजना के अंतर्गत माइक्रो और छोटे गैर-कॉरपोरेट व्यवसायों को ₹20 लाख तक का बिना गारंटी ऋण सभी क्षेत्रों—जैसे इवेंट मैनेजमेंट, कंसल्टेंसी, ब्यूटी-मेकअप, प्रोफेशनल सर्विसेज आदि—में सरल प्रक्रिया के साथ उपलब्ध कराया जाए

सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न को साकार करने के लिए बैंकों को केवल आंकड़ों तक सीमित न रहकर ज़मीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जिससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आर्थिक विकास और रोज़गार के नए अवसर सृजित हो सकें

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