प्रिया शर्मा एडिटर रायपुर
बिलासपुर में शिक्षा के नाम पर लापरवाही! अभियान अकादमी सेंटर पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
बिलासपुर के चर्चित अभियान अकादमी सेंटर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 3 जुलाई को आयोजित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की छात्रवृत्ति परीक्षा के दौरान केंद्र प्रबंधन की गंभीर लापरवाही सामने आई।
जानकारी के अनुसार, छात्र कुशांक श्रीवास्तव की परीक्षा सुबह 10:30 बजे निर्धारित थी, जबकि रिपोर्टिंग समय 10:00 बजे था। आश्चर्यजनक रूप से परीक्षा केंद्र निर्धारित समय तक खुला ही नहीं। सुबह 10:30 बजे तक संस्थान में ताला लटका रहा और छात्रों व अभिभावकों को बाहर इंतजार करना पड़ा।
आरोप है कि जब छात्र के परिजनों ने इस लापरवाही पर सवाल उठाया तो केंद्र प्रबंधन द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और धक्का-मुक्की तक की गई। यह व्यवहार किसी भी शैक्षणिक संस्थान की गरिमा के विपरीत है।
परीक्षा देने के लिए केवल एक छात्र उपस्थित था, जो कोरबा से लंबी दूरी तय कर बिलासपुर पहुंचा था। ट्रेन की देरी, परीक्षा का तनाव और फिर केंद्र की अव्यवस्था ने छात्र को अनावश्यक मानसिक परेशानी का सामना करने पर मजबूर कर दिया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कोई संस्था समय पर अपने परीक्षा केंद्र का संचालन तक नहीं कर सकती, तो वह छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी किस प्रकार निभाएगी? क्या निजी शैक्षणिक संस्थान केवल फीस और प्रचार तक सीमित हो गए हैं? क्या छात्रों और अभिभावकों का समय, पैसा और मानसिक शांति कोई मायने नहीं रखती?
प्रशासन एवं संबंधित शिक्षा विभाग को इस मामले का संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी छात्र को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
शिक्षा सेवा का माध्यम होनी चाहिए, व्यवसायिक लापरवाही का नहीं। छात्रों के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
