Saturday, July 11, 2026
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नक्सल समाप्ति के दावे को 100 दिन पूरा, बस्तर के विकास के लिए क्या कार्ययोजना बनी ? – दीपक बैज

नक्सल मुक्त पंचायतों को 1 करोड़ रू. क्यों नहीं दे रहे?

बस्तर में शांति स्थापना की नींव 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के समय रखी गयी

रायपुर भाजपा सरकार के दावे छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो गया है के 100 दिन पूरे हो गये है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने वादा किया था कि बस्तर कके विकास के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जायेगी। कहां है वह कार्ययोजना, मुख्यमंत्री जब दिल्ली जाते है तब बयान देते है बस्तर के विकास के लिए विशेष ब्लूप्रिंट तैयार है, उसे दिल्ली जा रहे है, तीन बार गये लेकिन वह ब्लूप्रिंट सामने नहीं आया। भाजपा की डबल इंजन की सरकार कब तक बस्तर के लोगों को ठगते रहेगी?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा बस्तर में शांति बहाली के लिए भले अपनी पीठ थोपे लेकिन उसकी ठोस नींव 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार के समय विश्वास, विकास, सुरक्षा के मूलमंत्र के साथ रखी गयी थी। भाजपा यह भी न भूले कि 2003 में रमन सरकार के आने के पहले छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद बस्तर के तीन ब्लाक में था भाजपा के राज में ही 14 जिलों तक पहुंचा था। सरकार ने खुद घोषित किया था, बस्तर का जो गांव नक्सल मुक्त हो जाएगा उसको 1 करोड़ रू. प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राज्य के गृह मंत्री से लेकर पूरी सरकार यह बयान दे रही है कि बस्तर सहित पूरा प्रदेश नक्सल मुक्त हो गया है, तब सरकार अपनी घोषणा के अनुसार बस्तर संभाग के सभी गांवों के लिए तुरंत 1 करोड़ रू. की राशि जारी किया जाए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के विकास के लिए डबल इंजन की सरकार तत्काल विशेष आर्थिक पैकेज की भी घोषणा करे, ताकि बस्तर को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके। बस्तर की खूबसूरती की रक्षा के साथ यहां के युवाओं के लिए रोजगार और वनोपज आधारित उद्योगों के लिए सरकार विशेष कार्य योजना बनायें। बस्तर के युवाओं के लिए नौकरी के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाये सरकार।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एनएमडीसी का मुख्यालय बस्तर में खोला जाना चाहिए। एनएमडीसी भारत की वह नवरत्न कंपनी है जो लौह अयस्क तो बस्तर से निकलती है और उसे दुनिया भर में भेजती है, परंतु अपना मुख्य कार्यालय बस्तर की बजाए तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बनाए बैठी है, पूर्व में बस्तर में यातायात के अभाव से यह निर्णय ठीक लगता था परंतु वर्तमान में बस्तर भी अब सर्वसुविधायुक्त बन चुका है, एनएमडीसी को अपना मुख्यालय अब बस्तर में बनाना चाहिए ताकि बस्तर के बेरोजगार युवाओं के लिए एनएमडीसी में रोजगार का द्वार खुल सके।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बस्तर के निवासी इस बात के लिए आशंकित है कि सरकार बस्तर की खनिज संपदा को बस्तर के पहाड़ों और जंगलों को निजी उद्योगपतियों को सौंप सकती है। डबल इंजन की सरकार इस बात की गारंटी ले कि बस्तर के आदिवासियों तथा बस्तरियों के भावनाओं के विपरीत बस्तर में अडानी एवं अन्य उद्योगपतियों की इन्ट्री नहीं होगी, न ही एनएमडीसी का नगरनार स्टील संयंत्र किसी निजी उद्योगपति को सौंपा जाएगा और न ही नंदराज और बैलाडीला की पहाड़ियों का बंदरबांट किया जोयगा?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि डबल इंजन की सरकार बस्तर की रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए तत्काल कार्य योजना बनाये। केंद्र सरकार बड़े लंबे समय से दल्लीराजहरा, जगदलपुर रेल लाईन के काम को लगभग रोक रखा है। सन् 2017-18 में दल्लीराजहरा रेलमार्ग के निर्माण का उद्घाटन स्वयं देश के प्रधानमंत्री ने भानुप्रतापपुर से किया था और मंच से आश्वस्त किया था कि 2021 में यह बनकर तैयार हो जाएगा और इस रेलमार्ग में यात्री ट्रेनें सरपट दौड़ेगी, परंतु आज दिनांक तक यह रेल लाइन का कार्य खत्म नहीं हुआ है, जो कि बस्तर की जनता के साथ छलावा है।

 

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