Wednesday, August 19, 2026
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डेस्टिनेशन शादियों के लिए देश में ही सैंकड़ों स्थान उपलब्ध – अमर पारवानी 

  देश भर में डेस्टिनेशन शादियों को लेकर मंथन शुरू

देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी, चेयरमेन मगेलाल मालू, अमर गिदवानी, प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव, परमानन्द जैन, वाशु माखीजा, महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह, कार्यकारी महामंत्री भरत जैन, एवम कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि विदेश में डेस्टिनेशन शादियों पर जिस तरह गंभीरता से चिंता की गई, वो देश भर में लोगों के मन एवं मस्तिष्क में बैठ गई है और प्रदेश सहित देशभर में इस पर न केवल मीडिया में बल्कि आम लोगों के बीच एक चर्चा शुरू हो गई है।

 

विदेशों में भारतीय लोगों द्वारा डेस्टिनेशन शादियों के बारे में अभी तक कोई अधिकृत सर्वे नहीं हुआ है, इसलिए यह अन्दाज़ लगाना मुश्किल हैं कि यह कारोबार कितना होगा लेकिन फिर भी जब मामले को खंगालने की कोशिश हुई तो यह मोटा अनुमान निकलता है कि प्रतिवर्ष लगभग 5 हज़ार डेस्टिनेशन शादियाँ विदेशों में होती होंगी जिसमें लगभग 50 हज़ार करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया जा सकता है ।

 

कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष श्री जितेन्द्र दोशी ने बताया की विदेश में डेस्टिनेशन शादियों पर जो चिंता व्यक्त की गई है, उस पर यदि सार्थक चर्चा हो तो यह देश के घरेलू व्यापार एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में एक संभावित बदलाव लाने की पहल हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह एक सर्वविदित तथ्य है कि भारत में धनाढ्य लोगों का एक वर्ग विदेशों में डेस्टिनेशन शादियाँ कर रहा है जो देश में शादी समारोह करने की बजाय विदेश में शादी करना अपनी शान समझा जाता है एवं जिसके कारण भारत के लोगों का एक बड़ा व्यापार विदेश को मिल जाता है।बेहतर हो यदि यह वर्ग विदेशों के बजाय भारत में ही यह शादियाँ आयोजित करे।

 

दोनों व्यापारी नेताओं ने कहा कि यूँ तो अब देश के प्रत्येक शहर के बाहर उपयुक्त शादी स्थल बन गये हैं जिनका डेस्टिनेशन शादी के रूप में उपयोग बहुतायत में होता है लेकिन देश के विभिन्न राज्यों में कुछ प्रमुख स्थान ऐसे हैं जहां बड़े पैमाने पर डेस्टिनेशन शादियाँ होती हैं जिनमें मुख्य रूप से गोवा, महाराष्ट्र में लोनावाला, महाबलेश्वर, मुंबई, शिरडी, नासिक, नागपुर, गुजरात में द्वारिका, अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा, मध्य प्रदेश में ओरछा, ग्वालियर, उज्जैन, भोपाल, इंदौर, छत्तीसगढ़ में रायपुर , राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, पुष्कर, उत्तर प्रदेश में मथुरा, वृंदावन, आगरा, वाराणसी, कानपुर, दक्षिण भारत में चेन्नई, यादगिरी हिल, ऊटी, बंगलौर, हैदराबाद, तिरूपति, कोचीन, त्रिची, कोयंबतूर, पॉण्डिचेरी सहित दिल्ली एनसीआर में दिल्ली, नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, गुड़गाँव, मानेसर, बहादुरगढ़, फ़रीदाबाद तथा पंजाब-हरियाणा में चंडीगढ़, मोहाली, अमृतसर तथा जम्मू के नाम उल्लेखनीय हैं ।

 

श्री पारवानी एवं श्री दोशी ने कहा कि ये सभी स्थान माध्यम बजट से लेकर किसी भी बड़े बजट की डेस्टिनेशन शादियों को करवाने में पूर्ण रूप से सक्षम है। शादी करवाने के लिए आम से लेकर ख़ास सुविधा एवं इंतज़ाम प्रदान करने वाली कंपनियों या ग्रुपों का एक बड़ा नेटवर्क पिछले वर्षों में भारत में विकसित हुआ है और इसीलिए शादियों से संबंधित सामान एवं सेवाएँ आज देश में एक बड़े व्यापार का रूप ले चुकी हैं । डेस्टिनेशन शादी चाहे देश में हो या विदेश में, उन्हें संपन्न कराने में इन कंपनियों या समूहों जा सबसे बड़ा योगदान होता है। अक्सर प्रति वर्ष शादियों के मामले में देश में विभिन्न स्थानों पर हुई डेस्टिनेशन शादियाँ अपनी भव्यता अथवा अपनी विशेषताओं के कारण चर्चा का विषय बनती हैं भारत का धन देश में ही खर्च हो कि भावना के अनुरूप डेस्टिनेशन शादियाँ यदि अपने देश में ही हों, तो न केवल भारतीय संस्कार पल्लवित होंगे बल्कि देश के व्यापार एवं अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा और बड़ी मात्रा में स्थायी एवं अस्थायी रोज़गार भी उपलब्ध होंगे।

 

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