
आज दिनांक 11.03. 2026 को इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) दक्षिण पूर्वी क्षेत्र पाइप लाइन परिसर लखौली, आरंग, जिला रायपुर में आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉक अभ्यास (मॉकड्रिल) का सफल आयोजन किया गया। यह मॉक अभ्यास जिला प्रशासन, अपर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नगर सेना माना कैम्प तथा एनडीआरएफ भिलाई, जिला दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित औद्योगिक आपदा या आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों के मध्य त्वरित प्रतिक्रिया, समन्वय एवं बचाव कार्यों की प्रभावी कार्यप्रणाली का परीक्षण एवं प्रदर्शन करना था।
मॉकड्रिल से पूर्व दिनांक 10.03.2026 को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करने हेतु टेबल टॉप मीटिंग आयोजित की गई थी, जिसमें संभावित आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की भूमिका, दायित्वों एवं समन्वय तंत्र पर विस्तार से चर्चा की गई।
आज आयोजित मॉक अभ्यास के दौरान आईओसीएल परिसर में स्थित डीजल/पेट्रोल टैंक में आग लगने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इंडियन ऑयल कॉर्पाेरेशन लिमिटेड के सुरक्षा कर्मियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर सेना तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा आग पर काबू पाने एवं प्रभावित व्यक्तियों के रेस्क्यू की प्रक्रिया का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया। इस दौरान फायर फाइटिंग, प्राथमिक उपचार, घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना तथा अस्पताल तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था का प्रदर्शन किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में किस प्रकार त्वरित रिस्पॉन्स देते हुए विभिन्न विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हैं तथा प्रत्येक विभाग की क्या जिम्मेदारियां होती हैं।
इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सर्वश्री कीर्तिमान राठौर, श्री मनीष मिश्रा, श्री बांधे, श्री डी.सी. किण्डो, एसडीएम आरंग श्रीमती अभिलाषा पैंकरा, उप पुलिस अधीक्षक माना श्री लम्बोदर पटेल, एसडीआरएफ के श्री पुष्पराज सिंह सहित राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मॉक अभ्यास के पश्चात सभी विभागों के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से पूरे कार्यक्रम की समीक्षा की गई तथा भविष्य में किसी भी आपदा की स्थिति में और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए गए।
इस प्रकार आयोजित मॉकड्रिल ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
