नई दिल्ली। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वर्ष 2025 को “व्यापारी स्वाभिमान वर्ष” के रूप में मनाने का ऐलान किया है। यह वर्ष व्यापारियों के अधिकारों, उनके आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक योगदान, और उनके सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित होगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के सम्मान को स्थापित करना और उनके समक्ष आने वाली समस्याओं को उजागर करना है।
कैट के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमर पारवानी और प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया कि 6-7 जनवरी 2025 को दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन में देशभर के 150 से अधिक प्रमुख व्यापारी नेता हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में व्यापारी स्वाभिमान वर्ष के सभी कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी और इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा। सम्मेलन में व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए विशेष पहल की जाएगी।
कैट ने कहा कि इस वर्ष व्यापारी समुदाय को सशक्त बनाने के लिए देशभर में कई प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
- देशव्यापी अभियान: व्यापारी समस्याओं को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, और व्यापारियों के लिए हितकारी नीतियों की मांग की जाएगी।
- सम्मान समारोह: व्यापारियों के योगदान को मान्यता देने के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे।
- संगोष्ठियां और कार्यशालाएं: व्यापारिक ज्ञान और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने के लिए सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जिसमें डिजिटल व्यापार, जीएसटी, और ई-कॉमर्स जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
- व्यापारी मार्च और रैलियां: व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए स्वाभिमान मार्च निकाले जाएंगे।
- व्यापारिक संस्कृति को बढ़ावा: स्थानीय और पारंपरिक व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए मेले और प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
कैट के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा करें।
