छोटी बचत से सुरक्षित हो रहा भविष्य, माताएं बन रही आर्थिक संबल की मिसाल
बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भर भविष्य को मजबूत आधार देने में केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना प्रभावी माध्यम बनकर सामने आ रही है।
प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी अब अभिभावक बेटियों के भविष्य को लेकर पहले से अधिक जागरूक हो रहे हैं। नियमित छोटी बचत के माध्यम से परिवार अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।
इसी क्रम में बलरामपुर जिले के ग्राम भैरवपुर निवासी श्रीमती भगमन मरकाम की पहल प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरी है। सीमित आय और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने अपनी बेटी के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाया और नियमित बचत की शुरुआत की।
श्रीमती भगमन बताती हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य होने के कारण पहले बचत करना आसान नहीं था। दैनिक जरूरतों को पूरा करने में ही अधिकांश आय खर्च हो जाती थी। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना से प्राप्त सहायता राशि ने उन्हें नई सोच और संबल दिया। उन्होंने तय किया कि बेटी के भविष्य के लिए हर महीने थोड़ी-थोड़ी राशि बचाकर सुकन्या खाते में जमा करेंगी।
उनका कहना है कि छोटी बचत भले आज कम दिखाई दे, लेकिन यही राशि आगे चलकर बेटी की पढ़ाई और उसके सपनों को पूरा करने में सहायक बनेगी। वे चाहती हैं कि उनकी बेटी उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बने और समाज में अपनी पहचान स्थापित करे।
श्रीमती भगमन अब गांव की अन्य महिलाओं और अभिभावकों को भी बेटियों के भविष्य के लिए नियमित बचत और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि शासन की योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं देतीं, बल्कि परिवारों में भविष्य के प्रति भरोसा और आत्मविश्वास भी जगाती हैं।
प्रदेश में सुकन्या समृद्धि योजना जैसी पहलें बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत करने के साथ-साथ परिवारों को आर्थिक रूप से योजनाबद्ध बचत के लिए भी प्रेरित कर रही हैं। इससे बेटियों के सुरक्षित, शिक्षित और सशक्त भविष्य की दिशा में ठोस आधार तैयार हो रहा है।
